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#Violence: प्रताडऩा की शिकायत अब सोशल मीडिया में भी

अपनों से सताई और घरेलू हिंसा की आग में जलती महिलाएं अब ट्विटर और फेसबुक में प्रताडऩा की शिकायत दर्ज करा सकती हैं।

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Satya Narayan Shukla

Apr 16, 2016

Harassment complaints in social media

Harassment complaints in social media

दुर्ग
. अपनों से सताई और घरेलू हिंसा की आग में जलती महिलाएं अब ट्विटर और फेसबुक में प्रताडऩा की शिकायत दर्ज करा सकती हैं। इन शिकायतों का त्वरित निदान भी किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग ने हिंसा और प्रताडऩा की शिकार महिलाओं को समय के अनुरूप सुविधा देते हुए यह पहल की है।


ट्विटर पर सखी न्यू होम

ट्विटर पर सखी न्यू होम तो फेसबुक पेज सखी रायपुर में जाकर महिलाएं अपनी छोटी-बड़ी शिकायत दर्ज करवा सकती हैं। हर हाथ में मोबाइल, इंटरनेट और सोशल नेटवर्किंग साइटों की बढ़ती लोकप्रियता के मद्देनजर प्रदेश की महिलाओं को यह सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वन स्टॉप सेंटर सखी रायपुर से सोशल साइट्स में दर्ज होने वाली शिकायतों की मॉनिटरिंग की जाएगी।


शिकायतों को भी गंभीरता से लेने
के आदेश

शिकायतकर्ता जिस जिले की मूल निवासी होगी। वहां के जिला संरक्षण अधिकारी घरेलू हिंसा और महिला सहायता केंद्र में शिकायत भेजा जाएगा। ताकि हिंसा पीडि़त महिला को समय पर मदद मिल सके। गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार जिले सहित पूरे प्रदेश में महिला प्रताडऩा की शिकायतें दिनोंदिन बढ़ रही है। ऐसे में विभागीय सचिव सोनमणि बोरा ने प्रताडऩा की शिकार महिलाओं से स्नेहपूर्वक व्यवहार करने की हिदायत कर्मचारियों को दी है। टेलीफोन के साथ अन्य माध्यमों से दर्ज होने वाले शिकायतों को भी गंभीरता से लेने आदेश दिया है।


अॅाटो सिस्टम सॉफ्टवेयर में दर्ज हो रही शिकायतें

प्रदेश में बढ़ते घरेलू हिंसा केस को देखते हुए उच्च तकनीक का उपयोग शिकायत दर्ज करने के लिए किया जा रहा है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वन स्टॉप सेंटर में प्रदेश से आने वाली सभी शिकायतों की मॉनीटरिंग की जा रही है। कंप्यूटर में ऑटो सिस्टम सॉफ्टवेयर में शिकायतकर्ता की ऑडियो रिकॉर्डिंग अपने आप हो जाती है। जिसे संबंधित जिले में ट्रांसफर किया जाता है। पीडि़ता की मन:स्थिति समझने के लिए इस तरह की तकनीक को अपनाया जा रहा है। शिकायत के साथ उसके निपटारे का पूरा ब्यौरा भी दर्ज हो रहा है।


दुर्ग में महिलाओं की स्थिति को बेहद गंभीर

जिले में महिलाओं की स्थिति दिन प्रतिदिन बद्दतर होते जा रही है। घरेलू हिंसा की आग में झुलसते हुए हर दिन दो महिला न्याय की गुहार लगा रही है। घरेलू हिंसा की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में यह सामने आया है। जिसमें प्रदेश के अन्य जिलों के मुकाबले दुर्ग में महिलाओं की स्थिति को बेहद गंभीर बताया गया है। घरेलू हिंसा डेस्क में महिलाओं के द्वारा दर्ज कराए जा रहे घरेलू हिंसा के केस में हर दिन इजाफा हो रहा है।


घरेलू हिंसा की सबसे ज्यादा शिकायतें जिले में दर्ज

छत्तीसगढ़ गृह मंत्रालय से जारी किए गए महिला उत्पीडऩ की रिपोर्ट के अुनसार पिछले चार वर्षों में जिले की महिलाएं और युवतियां प्रदेश में सबसे ज्यादा सताई गई। घरेलू हिंसा के साथ ही बलात्कार, छेड़छाड़, मर्यादा भंग करना, अपहरण, मानव तस्करी, लूट, गैंगरेप जैसे 5,568 प्रकरण चार वर्ष में जिले में दर्ज किए गए।


त्वरित निदान किया जाएगा

महिला एवं बाल विकास सचिव सोनमणि बोरा ने कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा और प्रताडऩा की शिकार महिलाओं की मदद के लिए फेसबुक और ट्विटर पर शिकायत की सुविधा प्रदान की जा रही है। महिलाएं और युवतियां सोशल नेटवर्किंग साइट पर आसानी से शिकायत दर्ज करवा सकती हैं। इसका त्वरित निदान किया जाएगा।

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