8 फरवरी (सोमवार) को देशभर में मौनी अमावस्या मनाई जाएगी। इस बार मौनी व सोमवती अमावस्या का विशेष संयोग बन रहा है। शास्त्रों के अनुसार मौनी व सोमवती अमावस्या के महासंयोग में दान-पुण्य का कई गुना अधिक फल मिलेगा।
तीन साल पहले बना था संयोग
इससे पहले मौनी व सोमवती अमावस्या 23 फरवरी 2012 को एक साथ आई थीं। अब तीन साल बाद 4 फरवरी 2019 में फिर से आएंगी। इस दिन किए गए दान-पुण्य का कई गुना अधिक फल मिलेगा। इस दिन पवित्र नदियों एवं सरोवरों में डुबकी लगाकर दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। पंडित पुरुषोत्तम गौड़ ने बताया कि इस दिन तर्पण करने से पितृ प्रसन्न होते हैं।
ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेश शास्त्री ने बताया कि मौनी अमावस्या के दिन सूर्य तथा चंद्रमा गोचरवश मकर राशि में आते हैं, इसलिए यह दिन एक संपूर्ण शक्ति से भरा हुआ और पावन अवसर बन जाता है। इस दिन मनु ऋषि का जन्म भी माना जाता है। इसलिए भी इस अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता हैं।
मकर राशि, सूर्य तथा चंद्रमा का योग इसी दिन होता है, अत: इस अमावस्या का महत्व और बढ़ जाता है। इस दिन पवित्र नदियों व तीर्थ स्थलों में स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। मौनी अमावस्या के दिन मौन धारण कर मानसिक जाप करने से कई गुना अधिक फल मिलता है।
साधक को इस दिन पवित्र सरोवर में स्नान, मानसिक जाप, हवन एवं दान करना चाहिए। दान में स्वर्ण, गाय, छाता, वस्त्र, बिस्तर एवं उपयोगी वस्तुओं का दान करना चाहिए। एेसा करने से सभी पापों का नाश होता है। गंगा स्नान करने से अश्वमेध यज्ञ के बराबर फल मिलता है।
यदि कोई व्यक्ति पवित्र सरोवर या नदी में स्नान नहीं कर सकता है तो घर पर ही स्नानादि कर साधना कर सकता है। व्यक्ति को इस दिन झूठ नहीं बोलने, छल-कपट नहीं करने का संकल्प लेना चाहिए।