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आत्महत्या करने वाले किसान की जली फसल का दोबारा गुपचुप सर्वे करने पहुंचे कृषि अधिकारी, भाजपा ने उठाए थे कई गंभीर सवाल

Farmer suicide in Durg: ग्रामीणों का कहना है कि दोबारा सर्वे की जानकारी किसी को नहीं दी गई थी। अधिकारियों के आने की सूचना पर ग्रामीण व पंचायत के प्रतिनिधि खेत पहुंचे लेकिन तब तक अधिकारी जा चुके थे।  

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दुर्ग

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Dakshi Sahu

Oct 11, 2020

आत्महत्या करने वाले किसान की जली फसल का दोबारा गुपचुप सर्वे करने पहुंचे कृषि अधिकारी, भाजपा ने उठाए थे कई गंभीर सवाल

आत्महत्या करने वाले किसान की जली फसल का दोबारा गुपचुप सर्वे करने पहुंचे कृषि अधिकारी, भाजपा ने उठाए थे कई गंभीर सवाल

दुर्ग. जिले के मातरोडीह किे किसान डुगेश निषाद की खुदकुशी के मामले में प्रशासन की जांच संदेह के दायरे में है। ग्रामीणों ने बताया कि भाजपा नेताओं की जांच टीम के लौटते ही शुक्रवार दोपहर को कृषि विभाग के अधिकारी ने किसान डुगेश के खेत में दोबारा जांच पड़ताल की। ग्रामीणों का कहना है कि दोबारा सर्वे की जानकारी किसी को नहीं दी गई थी। अधिकारियों के आने की सूचना पर ग्रामीण व पंचायत के प्रतिनिधि खेत पहुंचे लेकिन तब तक अधिकारी जा चुके थे।

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विभागीय सूत्रों ने की दोबारा जांच की पुष्टि
दोबारा सर्वे की पुष्टि विभागीय सूत्रों ने भी की है, लेकिन अफसर इसे बीमारियों से बचाव के लिए किसानों को सलाह देने रूटीन जांच बता रहे हैं। बता दें कि मातरोडीह के किसान डुगेश निषाद ने तीन बार अपने खेत में कीटनाशक का छिड़काव किया था। जिसके बाद फसल खराब होने से व्यथित होकर पिछले शनिवार को खेत में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। मामले के खुलासे के बाद गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के निर्देश पर कृषि विभाग के अधिकारियों ने वैज्ञानिकों के साथ किसान डुगेश के खेत के फसल की जांच की थी।

भाजपा ने 70 फीसदी फसल खराब होने का दावा किया
जांच के बाद प्रशासन ने करीब 25 फीसदी फसल खराब होने की बात स्वीकार किया था। वहीं भाजपा जांच दल के नेताओं का दावा है कि किसान के खेत की कम से कम 70 फीसदी फसल खराब हो गई है। उप संचालक कृषि विभाग दुर्ग एसएस राजपूत ने बताया कि विभाग के अधिकारी व वैज्ञानिक लगभग रोज गांव जा रहे हैं। उक्त गांव के अलावा आस-पास बीमारियों की आशंका को देखते हुए फसलों का परीक्षण किया जा रहा है। इसमें दोबारा सर्वे जैसी कोई बात नहंी है। वैज्ञानिक पहले ही जांच करके जा चुके हैं।