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बीपीएल बताकर पार्षद ने लिया सब्सिडी वाला लोन, अब चलेगा धोखाधड़ी का मुकदमा

कसारीडीह वार्ड 42 के कांग्रेसी पार्षद का नाम एपीएल सूची में हैं। स्वयं को बीपीएल बताते हुए उसने शासन के स्वर्ण रोजगार योजना का लाभ लिया।
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दुर्ग

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Satya Narayan Shukla

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Updated: 26 Jun 2018, 11:22 PM IST

Durg crime

बीपीएल बताकर पार्षद ने लिया सब्सिडी वाला लोन, अब चलेगा धोखाधड़ी का मुकदमा

दुर्ग. नगर पालिक निगम के कसारीडीह वार्ड 42 के कांग्रेसी पार्षद प्रकाश गीते के खिलाफ मुकदमा चलेगा। न्यायाधीश गिरिश कुमार मंडावी ने कूटरचित दस्तावेज की मदद से धोखाधड़ी करने का प्रकरण दर्ज किया है। आरोपी पार्षद का नाम एपीएल सूची में हैं। स्वयं को बीपीएल बताते हुए उसने शासन के स्वर्ण रोजगार योजना का लाभ लिया। न्यायालय में उसके खिलाफ परिवाद पूर्व पार्षद संजय सिंह ने प्रस्तुत किया था।

स्वर्ण रोजगार योजना के तहत 75 हजार ऋण स्वीकृत

परिवाद के मुताबिक गीते ने 2012-13 में स्वर्ण रोजगार योजना के तहत नगर निगम में आवेदन प्रस्तुत किया था। जिसमें स्वयं को बीपीएल परिवार का सदस्य बताया था। बीपीएल सर्वे सूची के आधार पर निगम ने 75 हजार ऋण स्वीकृत किया। इस ऋण पर 18750 रुपए अनुदान लाभ था। संजय सिह ने परिवाद में खुलासा किया था कि प्रकाश गीते ने गलत तरीके से योजना का लाभ लिया है।

बीपीएल कार्ड पर अपना नाम जोड़ा
पार्षद प्रकाश गीते के पिता गोविंद राव गीते के नाम से एपीएल कार्ड है। वहीं प्रकाश के बड़े पिता रामचंद्र गीते बीपीएल की श्रेणी में है। प्रकाश ने बीपीएल के राशन कार्ड में कू टरचना कर अपना नाम जोड़ उस परिवार का सदस्य बताते हुए दस्तावेज तैयार किया था। इसका खुलासा सूचना का अधिकार के तहत मिले दस्तावेज से हुआ।

पुलिस ने नहीं की एफआईआर तो पहुंचा मामला
दस्तावेज के आधार पर संजय सिंह ने सबसे पहले शिकायत नगर निगम के आयुक्त एसके सुंदरानी से की। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर आयुक्त ने एफआईआर दर्ज करने पुलिस को पत्र लिखा लेकिन पुलिस ने अपराध दर्ज नहीं किया। तब संजय सिंह ने न्यायालय में परिवाद पेश किया।

न्यायालय में धोखाधड़ी का अपराध दर्ज
अधिवक्ता राकेश दुबे ने बताया कि इस प्रकरण में परिवादी के अलावा आयुक्त व पद्मनाभपुर पुलिस चौकी के प्रधान आरक्षक कुवर सिंह यादव का बयान हुआ है। आयुक्त ने योजना का लाभ गलत तरीके से लेना बताया। दस्तावेज के आधार पर न्यायालय ने धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया।