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पुलिस परिवार का आंदोलन कुचलने सरकार हर हथकंडे अपना रही, पुलिस लाइन में लगाया पहरा

पुलिस परिवार के आंदोलन को रोकने विभाग ने नाकेबंदी शुरू कर दी है। नई पुलिस लाइन के मुख्य गेट पर अद्र्ध सैनिक बल का कैंप लगा दिया गया है।
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दुर्ग

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Satya Narayan Shukla

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Updated: 22 Jun 2018, 2:26 PM IST

Durg patrika

पुलिस परिवार का आंदोलन कुचलने सरकार हर हथकंडे अपना रही, पुलिस लाइन में लगाया पहरा

दुर्ग. पुलिस परिवार के आंदोलन को रोकने विभाग ने नाकेबंदी शुरू कर दी है। नई पुलिस लाइन के मुख्य गेट पर अद्र्ध सैनिक बल का कैंप लगा दिया गया है। सीएएफ के जवान पुलिस लाइन में हर आने जाने वाले पर नजर रखे हुए हैं। डीजीपी के निर्देश के बाद पुलिस परिवार के आंदोलन को असफल करने के लिए तगड़ी घेराबंदी की गई है। पुलिस लाइन में मुनादी कराया गया है कि अगर आंदोलन में कोई भी परिवार शामिल हुआ तो उस परिवार के पुलिस कर्मचारियों को सीधे बर्खास्त कर दिया जाएगा। बुधवार शाम से नई पुलिस लाइन में सीएएफ की टुकड़ी तैनात कर दी गई है।

आने-जाने वालों के नाम पता और नंबर नोट कर रहे

दल्लीराजहरा रेलवे फाटक के पास मुख्य प्रवेश द्वार और नगर सैनिक कार्यालय के करीब बने गेट पर सीएफ के जवान तैनात हैं। पुलिस लाइन में आने जाने वालों का नाम, पता व मोबाइल नंबर रजिस्टर में नोट किया जा रहा है। लाइन आने के कारणों को पूछने के बाद ही उन्हें जाने दिया जा रहा है। सीएफ के जवान इस बात पर भी नजर रख रहे हंै कि कहीं महिलाएं व अन्य सदस्य बैठक तो नहीं कर रहे हैं।

मुनादी के बाद भी नहीं पहुंची महिलाए

गुरूवार की देर शाम एएसपी सुरेशा चौबे पुलिस लाइन पहुंची थीं। उनके पहुंचने का समय बताकर पुलिस परिवार की महिलाओं को मैदान में एकत्र होने के लिए मुनादी कराया गया था। वह महिलाओं को आंदोलन न करने के लिए समझाना चाहतीं थीं। इसके बाद भी महिलाएं घरों से बाहर ही नहीं निकली। लगभग आधा घंटा इंतजार करने के बाद एएसपी को वापस लौटना पड़ा।

धरने के दिन की थी शुक्रवार को बैठक की घोषणा

मंगलवार को पटेल चौक पर पुलिस परिवार की सदस्यों ने ५ घंटा प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन में तीन एएसपी व दो सीएसपी स्तर के अधिकारी समते तीन दर्जन से ज्यादा अधिकारी कर्मचारी नजर रखे हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने धरना स्थल पर घोषणा की थी कि २५ जून को राजधानी में महाधरना प्रदर्शन है। रणनीति तैयार करने २२ जून को बैठक होगी। इस बैठक में सभी पुलिस परिवार के सदस्यों को उपस्थित रहने कहा गया।

पुलिसवालों के घरों में डाला गया है पर्चा
गुरुवार की सुबह पुलिस परिवार के घरों में पर्चा छोड़ा गया। पर्चा किसके इशाारे पर छोड़ा गया यह नहीं बताया गया। यह पर्चा नहीं बल्कि एक तरह का शपथ पत्र है। जिसमें पुलिस परिवार के सदस्यों को नाम लिखकर हस्ताक्षर करना है। पर्चा में लिखा हुआ है कि वे आंदोलन में हिस्सा नहीं ले रही हैं। मंगलवार को हुए प्रदर्शन में वे कुछ लोगों के बहकावे में आ गई थीं। अब उनकी मंशा समझ में आ गई है, इसलिए वे अब किसी तरह के प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लेंगी।

नेतृत्व करने वाली महिलाओं के मोबाइल बंद
मंगलवार को पटेल चौक पर हुए प्रदर्शन में दर्जन भर से ज्यादा पुलिस परिवार की महिलाएं अपनी बात स्वतंत्र रुप से रखी थी। पुलिस लाइन में अद्र्धसैनिक बल की ड्यूटी लगते ही उन महिलाओं के सेल फोन बंद मिले। यहां तक कि क्षेत्र की पार्षद ने भी बात करने से इनकार कर दिया। खास बात यह है कि उस क्षेत्र की पार्षद पुलिस परिवार की है।