पत्रिका की खबर के बाद 64 करोड़ की लागत से जीई रोड के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण कार्य की धीमी गति पर विधायक अरुण वोरा की नाराजगी सामने आई है। विधायक ने आला अफसरों के निर्देशों के बाद भी काम की धीमी रफ्तार पर पीडब्ल्यूडी के ईई अशोक श्रीवास को दो टूक लहजे में चेतावनी देते हुए जनसुविधा को ध्यान में रखकर जल्द काम पूरा करने की हिदायत दी है। उन्होंने कहा है कि अब काम में लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जल्द काम की रफ्तार नहीं बढा़ए जाने की सूरत में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विधायक ने कहा कि जीई रोड के धीमी कार्य से ट्विनसिटी के लोग परेशान हैं। पिछले डेढ़ साल से यह काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। मालवीय चौक पर भिलाई की ओर जाने वाली सड़क ब्लॉक करने के कारण यातायात में नागरिकों को परेशानी हो रही है। पिछले दिनों करीब 8 महीने तक इस मार्ग को बंद रखने के बाद तीन महीने पहले रोड पर आवागमन शुरू किया गया। इसके बाद इस मार्ग को दोबारा ब्लाक कर दिया गया है। शहर की सबसे ज्यादा आवागमन वाले मार्ग का आधा हिस्सा ब्लाक करने से मालवीय चौक पर ट्रैफिक व्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है। कई बार यहां एक्सीडेंट हो चुका है। रोड के करीब आधा किलोमीटर हिस्से पर यातायात बंद होने से रोड की दूसरी साइड पर दोनों ओर के ट्रैफिक व्यवस्था का भार आ गया है। इसके कारण भिलाई और दुर्ग से आने.जाने वाले नागरिकों को यातायात में समस्या हो रही है।
अफसरों से ली जाएगी समयबद्ध रिपोर्ट
मालवीय नगर चौक से रेलवे स्टेशन, पटेल चौक, जेल मार्ग और भिलाई की ओर सड़कों पर हमेशा हैवी ट्रैफिक होता है। इसके बाद यहां रोड के उन्नयन कार्य में तेजी से नहीं हो रहा है। वोरा ने साफ कहा कि इस मामले में किसी भी तरह की लेटतलीफी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वोरा ने कहा है कि अफसरों से समयबद्ध काम की रिपोर्टिंग ली जाएगी।
प्रकाश व्यवस्था में देरी पर भी नाराजगी
वोरा ने कहा है कि 12 करोड़ की लागत से जीई रोड पर प्रकाश व्यवस्था का काम भी शुरू नहीं किया गया है। मिनीमाता चौक से डामरीकरण कार्य की शुरूआत करने के बाद विभाग ने यह काम भी बंद कर दिया। इससे पहले वोरा ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान पीडब्लूडी के इंजीनियर इन चीफ वीके भतपहरी से भी जीई रोड निर्माण कार्य की धीमी गति की शिकायत की थी। शिकायत के बाद कुछ दिनों तक काम में तेजी आई, लेकिन अब काम में फिर ढिलाई बरती जा रही है।