
विदा होते सावन ने पूरे छत्तीसगढ़ को भिगोया, जलाशय लबालब, खपरी ओवर-फ्लो, तांदुला में 72 और खरखरा में 64 फीसदी पानी
दुर्ग. सावन इस बार लगभग सूखा रहा, लेकिन महीने के आखिरी दिन रविवार को दिनभर झड़ी लगी रही। सुबह साढ़े पांच बजे से बारिश शुरू हुई, जो देररात तक जारी रही। झड़ी के साथ सावन की विदाई की यह स्थिति आठ साल बाद बनीं। दूसरी ओर अच्छी बारिश के कारण जिले को पानी सप्लाई करने वाले जलाशय भी लबालब हो गए। खपरी जलाशय पहले ही ओवर फ्लो हो चुका है, वहीं रविवार की शाम तक तांदुला 72 और खरखरा 64 फीसदी भर चुका था।
सावन के ठीक पहले भी झड़ी
इससे पहले इस साल सावन के ठीक पहले 22 जुलाई को भी इसी तरह झड़ी लगी थी, लेकिन करीब 13 से 14 घंटे बाद झड़ी थम गई थी। इससे पहले सूखे की स्थिति के कारण यह झड़ी भी खेती के लिएबेहद उपयोगी साबित हुआ, लेकिन इससे जलाशयों में जलभराव जैसी स्थिति नहीं बन पाईथी।
आठ साल बाद पूरे दिन बारिश
धमधा डोड़की के प्रगतिशील किसान जीवन वर्मा ने बताया कि करीब 8 साल बाद सावन के आखिरी दिन इस तरह 12 घंटे से ज्यादा की झड़ी की स्थिति बनी है। इससे पहले वर्ष 2009-10 में भी पूरे दिन झड़ी हुई थी। इससे शिवनाथ में जलभराव के कारण आमनेर में उलट की स्थिति बनीं थी।
2014 में छलका था सावन में जलाशय
वर्ष 2014 में भी सावन में अच्छी बारिश हुई थी। इसके चलते सभी जलाशय छलक गए थे। स्थिति यह थी कि जलाशयों से पानी तक छोडऩा पड़ा था। इस बार पानी छोडऩे की स्थिति तो नहीं है, लेकिन जलाशयों के लबालब होने के हालात बन गए हैं।
Published on:
26 Aug 2018 10:42 pm
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