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सीनियर लीडर का एप्रोच और लॉबिंग कांग्रेस की टिकट में काम नहीं आएगी

पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल ने विधानसभा चुनाव के लिए टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस की रणनीति पर बड़ा खुलासा किया।
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दुर्ग

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Satya Narayan Shukla

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Updated: 3 Aug 2018, 12:41 PM IST

CG Politics

सीनियर लीडर का एप्रोच और लॉबिंग कांग्रेस की टिकट में काम नहीं आएगी

दुर्ग. पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल ने विधानसभा चुनाव के लिए टिकट वितरण को लेकर कांग्रेस की रणनीति पर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इस बार बड़े नेताओं के सामने भीड़ जुटाकर दबाव बनाने की रणनीति नहीं चलेगी। इसकी जगह इस बार सीधे बूथ लेबल कमेटियों से नामों की अनुशंसा मंगाई जाएगी। इन नामों पर पर्यवेक्षक से लेकर सभी जिम्मेदार नेता मैदानी स्तर पर कई चरणों में सर्वे कर फीडबैक लेेंगे और इसमें सामने आए तथ्यों के आधार पर अंतिम नाम का चुनाव किया जाएगा।

सक्रियता व जीत सकने की क्षमता के आधार पर फीडबैक

पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल ने जन संवाद कार्यक्रम के सिलसिले में जिले के नेताओं व कार्यकर्ताओं की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने टिकट वितरण को लेकर पार्टी की रणनीतियों की भी जानकारी दी। बघेल ने बताया कि टिकट के लिए दावेदारी कोई भी कार्यकर्ता कर सकेगा। दावेदारी के आधार पर बूथ लेबल कमेटियों से योग्यता, सक्रियता व जीत सकने की क्षमता के आधार पर फीडबैक व अनुशंसा ली जाएगी। अनुशंसा के आधार पर नामों का पैनल बनाकर पार्टी आलाकमान को भेजा जाएगा। टिकट में बड़े नेताओं की अनुशंसा अथवा लॉबिंग काम नहीं आएगी। बैठक में पूर्व मंत्री रविन्द्र चौबे, विधायक अरुण वोरा, पूर्व विधायक बीडी कुरैशी, भजन सिंह निरंकारी, महापौर देवेन्द्र यादव, पूर्व महापौर निर्मला यादव, जिला अध्यक्ष तुलसी साहू व शहर अध्यक्ष आरएन वर्मा भी मौजूद थे।

भीड़ लाने पर मानी जाएगी अनुशासनहीनता
बघेल ने कहा कि टिकट चयन का यह पैमाना प्रत्येक नेता पर लागू होगा। नेता व कार्यकर्ता अपने एक अथवा दो समर्थकों के साथ पहुंचकर दावेदारी कर सकेंगे। दावेदारी के लिए भीड़ अथवा शक्ति प्रदर्शन अनुशासनहीनता मानी जाएगी। जरूरत पड़ी तो कार्रवाई भी की जाएगी।

जन संवाद से चुनावी शंखनाद
बघेल ने बताया कि प्रत्येक जिले में जन संवाद चुनावी अभियान का शंखनाद होगा। यह अभियान 10 अगस्त तक चलाया जाएगा। इस दौरान जन संवाद पर कांग्रेस के नेता व कार्यकर्ता जनता से सीधे संवाद करेंगे और इस दौरान केंद्र व राज्य सरकार की नाकामियों को जनता के बीच रखा जाएगा।