
महिलाओं ने बनाए 500 टन से ज्यादा हर्बल गुलाल, यूरोप तक डिमांड
पाटन के सांकरा में कुमकुम स्व-सहायता समूह की 60 महिलाएं गुलाल तैयार करने में लगी हैं। इन्हें बाजार उपलब्ध कराने एक ग्लोबल फर्म से जोड़ा गया है। कंपनी गुलाल के लिए सामग्री देती है और मार्केटिंग व डिस्ट्रीब्यूशन का कार्य कंपनी करती है। महिलाओं को हर दिन 200 रुपए मानदेय के अलावा प्रॉफिट शेयरिंग मिलता है। यहां की महिलाओं ने पूरे साल काम कर 500 टन हर्बल गुलाल तैयार किया है। जिला पंचायत से मिली जानकारी के मुताबिक इनकी गुलाल की कांशी, वृंदावन, मथुरा, बरसाना जैसी तमाम धार्मिक नगरों के अलावा मुम्बई, दिल्ली जैसे माडर्न जीवनशैली वाले शहरों में खासी डिमांड है। यूरोप के कई देशों में भी कंपनी के माध्यम से गुलाल की सप्लाई होती है।
मतवारी में 2200 किलो गुलाल तैयार
मतवारी की गायत्री स्व सहायता समूह की 12 महिलाएं पूरे साल हर्बल गुलाल बनाने का काम करती हैं। समूह की अध्यक्ष जागृति साहू के मुताबिक हर्बल-गुलाल गाांव के आस-पास के चीजों से बनाया जाता है। पालक भाजी, लाल भाजी, चुकंदर, शहतूत, पलाश, गेंदा, गुलाब व अपराजिता के फूलों और सब्जियों का प्रयोग किया जाता है। साथ ही गोधन पाउडर यानी गोबर ले पाउडर का भी उपयोग किया जाता है। यहां से अब तक 2200 किलो हर्बल गुलाल तैयार कर दुर्ग, भिलाई, रायपुर, रायगढ़, बिहार व मध्यप्रदेश में सप्लाई किया गया है। लोकल डिमांड के लिए 200 किलोग्राम गुलाल तैयार किया जा रहा है।
सी-मार्ट से खरीद सकते हैं हर्बल गुलाल
जिला प्रशासन द्वारा महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए नगरीय निकायों में स्थापित सी-मार्ट के माध्यम से हर्बल गुलाल विक्रय कराया जा रहा है। जिला मुख्यालय के जनपद पंचायत परिसर में स्थित सी-मार्च में मतवारी की महिलाओं द्वारा तैयार हर्बल गुलाल उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा भिलाई के भी सी-मार्ट में भी बिक्री के लिए उपलब्ध है। मतवारी की महिलाओं द्वारा डिमांड के आधार पर निजी लोगों को भी विक्रय के लिए हर्बल गुलाल सप्लाई किया जा रहा है।
Published on:
03 Mar 2023 09:56 pm

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