
बड़ों के पैर छूने के पीछे है विज्ञान, किसी के चरण स्पर्श करने से पहले जान लें यह 10 बातें
नई दिल्ली।हिंदू धर्म में पैर छूने को सदाचार का प्रतीक माना जाता है। हिंदू सभ्यता में कई ऐसे संस्कार हैं जिनके पीछे विज्ञान है। ऐसे ही पैर छूने या चरण स्पर्श करने के पीछे भी विज्ञान है। आइए जानते हैं क्या है पैर छूने के पीछे का वैज्ञानिक कारण।
1- वैज्ञानिकों की मानें तो इंसान के शरीर के चारों तरफ एक आभामंडल यानी aura होता है।
2- हमारे विचारों और व्यव्हार के बदलने पर हमारे शरीर का आभामंडल भी बदलता है।
3- जब हम किसी के पैर छूते हैं तो वह किसी के प्रति समर्पण और विनीत के भाव को दर्शाता है।
4- किसी के पैर छूने पर तुरंत मनोवैज्ञानिक असर ( Psychological effect ) पड़ता है।
5- इस मनोवैज्ञानिक असर से हमारे अंदर प्रेम, आशीर्वाद और संवेदना का आभास होता है।
6- आशीर्वाद लेने वाले व्यक्ति पर यह असर विज्ञान ही है।
7- बड़े-बुजुगों के आशीर्वाद हमारे सौभाग्य को अच्छा बनाने में मदद करते हैं। शास्त्रों के अनुसार, बड़ों को नियमित प्रणाम करने से आयु, विद्या, यश, बल बढ़ता है।
8- किसी बड़े और अपने प्रिय के पैर छूने से नकारात्मक सोच-विचारों से मुक्ति मिलती है।
9- पैर छूने वाले व्यक्ति को एक बात ध्यान देनी चाहिए कि जिसके पैर आप छूते हैं उनका आचार-व्यवहार, आचरण अच्छा होना चाहिए।
10- बता दें कि व्यक्ति अगर दुष्प्रवृत्ति का है तो उसका पैर छूने से लाभ नहीं मिलता।
Published on:
27 Mar 2019 02:19 pm
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