GST परिषद की बैठक आज: 21 जुलाई 2018 को होने वाली 28वीं बैठक शुरू हो चुकी है। बैठक में सीमेंट-पेंट समेत करीब 30 चीजों पर कर की दरें कम करने पर चर्चा होगी।
नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) काउंसिल की 28वीं बैठक शुरू हो चुकी है। बैठक की अध्यक्षती वित्त मंत्री पीयूष गोयल कर रहे हैं। बैठक में जीएसटी परिषद के सभी सदस्यों के अलावा वित्त मंत्रालय से जुड़े कई बड़े अधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। इस बैठक में लोगों को कई चीजों के सस्ते होने की सौगात मिल सकती है। सूत्रों के अनुसार इस बैठक में करीब 30 सामानों पर कर की दर घटाई जा सकती है। इसके अलावा पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की घोषणा भी हो सकती है। जिन सामानों पर कर की दर में कमी होने की संभावना है उसमें अधिकांश चीजें रोजमर्रा के इस्तेमाल की हैं। सूत्रों के अनुसार जीएसटी काउंसिल की बैठक में जिन वस्तुओं की दर पर चर्चा होगी, उसमें सैनिटरी नैपकिन, भगवान की मूर्तियां, हैंडलूम, ,सीमेंट और पेंट जैसी जरूरी चीजें शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार सीमेंट और पेंट पर कर की दरों में 10 फीसदी की कमी की जा सकती है। इसका सीधा फायदा आम आदमी को मिलेगा।
पेट्रोल-डीजल को लेकर हो सकता है बड़ा फैसला
जीएसटी काउंसिल की इस बैठक में पेट्रोल-डीजल को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है। दरअसल सरकार पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने को लेकर पहले ही अपनी मंजूरी दे चुकी है। सरकार का कहना है कि पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने का अंतिम फैसला काउंसिल को करना है। एेसे में उम्मीद जताई जा रही है कि आज होने वाली बैठक में जीएसटी काउंसिल पेट्रोल-डीजल को लेकर कोई बड़ा फैसला ले सकती है।
यहां फंसा है पेंच
दरअसल जीएसटी काउंसिल में सभी राज्यों के वित्त मंत्री शामिल हैं। कई राज्य पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने के लिए तैयार हैं जबकि कई राज्य इसके लिए आनाकानी कर रहे हैं। इसके पीछे राज्य अपनी कमाई में कमी होने का तर्क दे रहे हैं। जबकि जीएसटी एक्ट के अनुसार राज्यों को होने वाले नुकसान की भरपाई केंद्र सरकार की ओर से करने का प्रावधान है। अब यदि ये राज्य पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने को लेकर सहमत हो जाते हैं तो देशवासियों को सस्ते पेट्रोल-डीजल की सौगात मिल सकती है।
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