
road safety rules
नई दिल्ली। आज के समय में देश में लागातार हो रही मौतों में सबसे ज्यादा आकड़ें सड़क दुर्घटना को लेकर ज्यादा सुनने को मिलते है। और इस तरह के हादसे ज्यादातर नेशनल हाइवे पर होते है। अब आए दिन हो रहे सड़क हादसों को देखते हुए सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक अहम कानून बनाया है। जिसके तहत अब सड़क हादसे में हुई किसी की मौत का दोषी रोड़ बनाने वाली कंपनी को माना जाएगा। इसके साथ ही सड़क का निर्माण करने वाली कंपनी से लेकर ठेकेदार पर भी एक लाख रुपये तक का जुर्माना लिया जाएगा।
सड़क हादसे में जिम्मेदार इंजीनियर, कंसल्टेंट को कानूनी कार्रवाई से होकर गुजरना पड़ेगा। आपको बता दें कि मोटर वाहन संशोधन अधिनियम 2020 के सेक्शन 198-ए में इसका प्रावधान किया गया है। हालांकि, ये नियम फिलहाल नेशनल हाईवे के लिए है।
इसके अलावा एक और नियम पर सख्ती बरती गई है कि जो लोग भी सड़क दुर्घटना के दौरान मदद करने के लिए आगे आते है उसे किसी भी तरह से परेशान ना किया जाए। इसके लिए सरकार ने ‘नेक आदमी’ के संरक्षण के नियम बना दिए हैं। इसके नियम के चलते पुलिस अब ऐसे लोगों पर किसी तरह का दबाब नही बना सकती। सरकार ने मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम-2019 में एक नई धारा 134 (ए) को जोड़ा है। यह धारा सड़क हादसों के दौरान पीड़ितों की मदद के लिए आगे आने वाले ‘नेक आदमी’ को संरक्षण प्रदान करती है।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि ऐसे लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया चाहिए, जो सड़क दुर्घटना के दौरान मदद करने के लिए आगे आते है। उनके साथ धर्म, जाति राष्ट्रीयता को लेकर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। अपने बयान में उन्होंने कहा है कि , ‘‘कोई भी पुलिस अधिकारी मददगार पर उनकी पहचान, पता या अन्य निजी जानकारी साझा करने को लेकर किसी तरह का दबाव नहीं बना सकती है। यदि व्यक्ति अपनी स्वैच्छा से चाहे तो जानकारी दे सकता है। ’’
Updated on:
03 Oct 2020 05:20 pm
Published on:
03 Oct 2020 05:16 pm
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