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कोराना वायरस की वजह से ऐतिहासिक निचले स्तर पर चीन की मैन्युफैक्चरिंग एक्टीविटी

चीन का पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्‍स यानी पीएमआई फरवरी में 35.7 अंक पर चीन की आर्थिक वृद्धि पर कोरोना वायरस के कारण व्यापक असर पड़ेगा फरवरी में चीन का नॉन-मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर गिरकर 29.6 हुआ

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Saurabh Sharma

Feb 29, 2020

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China's manufacturing activity at historic low due to corana virus

नई दिल्ली।कोरोना वायरस का असर दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था पर होना शुरू हो गया है। जी हां, हम यहां पर चीन की ही बात कर रहे हैं। जहां से कोरोना वायरस दुनिया के 50 से ज्यादा देशों को प्रसारित हो चुका है। कोरोनावायरस के चीन की इकोनॉमी पर बुरे प्रभाव ताजा उदाहरण आज ही देखने को मिला है। शनिवार को चीन के मैन्युफैक्चरिंग के आधिकारिक आंकड़े सामने आए हैं। जिसके अनुसार फरवरी में चीन का विनिर्माण क्षेत्र ऐतिहासिक गिरावट पर आ गया है।

वहीं यही हाल नॉन मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी देखने को मिला है। वहीं चीनी शेयर बाजार की बात करें तो 2008 की आर्थिक मंदी के बाद सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली है। यानी 12 सालों के निचले स्तर पर आ गया है। आपको बता दें कि जानकारों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि पहली तिमाही में चीन की आर्थिक वृद्धि पर कोरोना वायरस के कारण व्यापक असर पड़ेगा और शनिवार को जारी हुआ आंकड़ा इसका पहला उदाहरण है।

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मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर पीएमआई ऑल टाइम लो पर
मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्‍टर मापने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला इंडिकेटर पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्‍स यानी पीएमआई फरवरी के महीने में 35.7 अंक पर आ गया है। इसका आंकड़ा 50 से ऊपर होना जरूरी है, जो बतलाता है कि सेक्‍टर में तेजी देखपे को मिल रही है। इससे नीचे जाने का मतलब है गिरावट। जनवरी में यह आंंकड़ा 50 के आसपास था। 2005 यह आंकड़ा रिकॉर्ड होना शुरू हुआ था, उसके बाद से पहली बार चीन का पीएमआई 50 से नीचे आया है।

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नॉन मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्टर का यही हाल
चीन के नेशनल ब्यूरो ऑफ स्टैटिस्टिक्स के अनुसार ऑटो और स्पेशलाइज्ड इक्विपमेंट इंडस्ट्रीज पर इसका सबसे ज्यादा नकारात्मक असर देखने को मिला है, जो नॉन मैन्‍युफैक्‍चरिंग सेक्टर में रहा है। फरवरी में नॉन-मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर गिरकर 29.6 हो गया जो जनवरी में 54.1 अंक पर था। चीनी उद्यमों के उत्पादन और संचालन पर इसका बड़ा प्रभाव पड़ा है।