अर्थव्‍यवस्‍था

बजट अनुमान के 115 फीसदी पर पहुंचा देश का राजकोषीय का घाटा

अप्रैल-नवंबर का राजकोषीय घाटा बजटीय लक्ष्य का 114.8 फीसदी हुआ नवंबर अंत तक राजकोषीय घाटा 8.07 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया पिछले वित्त वर्ष के इसी महीने में राजकोषीय घाटा 114.8 फीसदी ही था नवंबर में 8 प्रमुख उद्योगों में लगातार चौथे महीने देखी गई गिरावट

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Country's fiscal deficit reached 115 percent of the budget estimate

नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार ( Modi govt ) के लिए आर्थिक तौर पर अच्छी खबरें बिल्कुल भी नहीं आ रही हैं। देश का बजटीय राजकोषीय घाटा ( Budgetary Fiscal Deficit ) अप्रैल से नवंबर अवधि के दौरान 8.07 लाख करोड़ रुपए या बजट अनुमान ( Budget Estimate ) का 114.8 फीसदी है। सरकार ने 2019-20 के लिए 7.03 लाख करोड़ रुपए के राजकोषीय घाटा का लक्ष्य ( Fiscal Deficit target ) तय किया है। वहीं दूसरी ओर भारत के आठ प्रमुख उद्योगों में नवंबर में लगातार चौथे महीने गिरावट देखी गई है।

कुछ ऐसा बजटीय घाटा
महालेखा नियंत्रक (सीजीए) की तरफ से मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष के इसी महीने के दौरान राजकोषीय घाटा 114.8 फीसदी था। केंद्र सरकार का कुल खर्च 18.20 लाख करोड़ रुपए (बीई का 65.3 फीसदी) है, जबकि कुल प्राप्तियां 10.12 लाख करोड़ रुपए (बीई का 48.6 फीसदी) है। इसके अलावा समीक्षाधीन अवधि के दौरान कुल खर्च 16.06 लाख करोड़ रुपए है।

नवंबर में 8 प्रमुख उद्योगों में गिरावट
भारत के आठ प्रमुख उद्योगों में नवंबर में लगातार चौथे महीने गिरावट देखी गई है, क्योंकि उत्पादन में 1.5 फीसदी की कमी आई है। नवंबर में हालांकि संकुचन की दर अक्टूबर में दर्ज 5.8 फीसदी की तेज गिरावट की तुलना में धीमी रही है। साल दर साल के आधार पर देखें तो नवंबर 2018 में विकास दर 3.3 फीसदी रही। इन आठ मुख्य उद्योगों में कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली शामिल हैं। आठ कोर इंडस्ट्रीज के सूचकांक के अनुसार, रिफाइनरी उत्पादों, उर्वरकों और सीमेंट को छोड़कर अन्य सभी क्षेत्रों में नवंबर में अनुबंध किया गया।

Updated on:
01 Jan 2020 02:36 pm
Published on:
01 Jan 2020 02:35 pm
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