
Direct tax collection rise, 5 percent higher than target
नई दिल्ली। देश की इकोनॉमी पटरी पर लौटते हुए दिखाई दे रही है। मार्च के महीने में जीएसटी कलेक्शन में रिकॉर्ड कलेक्शन देखने को मिला था। वहीं वित्त वर्ष 2020-21 में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन ( Direct Tax Collection ) में इजाफा हुआ है। बजट में जो अनुमान लगाया गया था उसके मुकाबले में 5 फीसदी ज्यादा कलेक्शन हुआ है। आपको बता दें कि बीते वित्त वर्ष में कोरोना वायरस के कारण देश की इकोनॉमी में काफी गिरावट देखने को मिली थी। दूसरी तिमाही में देश की जीडीपी 23 फीसदी तक नीचे चली गई थी। उसके बाद भी डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में तेजी अच्छे संकेत हैं।
डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन अनुमान से ज्यादा
वित्त वर्ष 2020-21 में कुल डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 9.45 लाख करोड़ रुपए रहा, जो बजट में संशोधित अनुमान से 5 फीसदी ज्यादा है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड यानी सीबीडीटी के अध्यक्ष पीसी मोदी ने जानकारी देते हुए कहा कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने वित्त वर्ष 2020-21 में पर्याप्त रिफंड जारी करने के बावजूद संशोधित अनुमानों से अधिक टैक्स कलेक्शन किया है।
किस मद में कितना कलेक्शन
वित्त वर्ष के दौरान नेट कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन 4.57 लाख करोड़ रुपए था, जबकि नेट पर्सनल इनकम टैक्स 4.71 लाख करोड़ रुपए रहा। इसके अलावा 16,927 करोड़ रुपए सिक्योरिटी ट्रांजेक्शन टैक्स से मिले। आम बजट के संशोधित अनुमानों के अनुसार 2020-21 के लिए डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन के रूप में 9.05 लाख करोड़ रुपए का टारगेट तय किया गया था।
इस साल के मुकाबले 10 फीसदी कम
इस तरह टैक्स कलेक्शन संशोधित अनुमानों से 5 फीसदी अधिक रहा, लेकिन 2019-20 में तय किए गए टारगेट से 10 प्रतिशत कम रहा। मोदी ने कहा कि विभाग ने कागजी कार्रवाई के बोझ को कम करने और बेहतर करदाता सेवाएं मुहैया कराने के लिए कई उपाय किए हैं, जिसका असर पिछले वित्त वर्ष के कर संग्रह में दिखाई दिया।
Updated on:
09 Apr 2021 02:45 pm
Published on:
09 Apr 2021 02:40 pm
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