
भारत के बाद यूरोपियन संघ ने लगाया अमरीकी सामान पर आयात शुल्क
नर्इ दिल्ली। अमरीका के राष्ट्रपति के डाेनाल्ड ट्रंप के एक एेसे फैसले ने दुनिया में एक अलग युद्घ की शुरूआत कर दी है। जहां चीन इस युद्घ में पहले ही उतर चुका था। वहीं अब भारत आैर युरोपियन संघ ने भी अमरीका पर हमला शुरू कर दिया है। यह वाॅर ना तो मिसाइलों से लड़ी जा रही है आैर ना ही यह वाॅर बाॅर्डर से। ये वाॅर है इंपोर्ट ड्यूटी की। जिसमें बढ़ोत्तरी कर दूसरे देश के सामान को महंगा किया जा रहा है। ताकि उसके व्यापार को नुकसान पहुंच सके। आइए आपको भी बताते हैं कि इस बार युरोपीय संघ ने किस तरह का वार किया है।
र्इयू का अमरीकी व्यापार नीति किया हमला
यूरोपीय संघ (ईयू) ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीति पर हमला करते हुए अमरीकी सामानों पर आयात शुल्क लगा दिया है। बीबीसी के मुताबिक, 2.4 अरब पाउंड के अमरीकी सामान पर लगा शुल्क शुक्रवार से प्रभावी हो गया। बोर्बोन व्हिस्की, मोटरसाइकिल और संतरे के जूस जैसे उत्पादों पर शुल्क लगाया गया है। यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष जीन क्लॉड जंकर ने कहा है कि अमेरिका द्वारा ईयू पर लगाए गए शुल्क सभी तर्को से अलग है।
भारत आैर तुर्की भी लगा चुका है आयात शुल्क
यूरोपीय संघ से पहले भारत आैर तुर्की भी आयात शुल्क लगा चुका है। भारत द्वारा अमरीका के उत्पादों पर लगाया उत्पाद शुल्क गुरुवार से लागू भी हो चुका है। भारत ने 30 अमरीकी उत्पादों पर रियायत समाप्त करने का प्रस्ताव दिया था। जिसमें 800 सीसी से अधिक क्षमता वाली मोटरसाइकिल पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाकर 50 फीसदी तक की सिफारिश की थी। इसके अलावा बादाम, मूंगफली, सेबों, अखरोट पर भी आयात शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव दिया।
अमरीका ने लगाया था आयात शुल्क
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 9 मार्च को स्टील और एल्यूमीनियम पर भारी टैरिफ लगाया था। ट्रंप ने कहा था कि भारत से आयात होने वाले स्टील पर 25 फीसदी और एल्यूमीनियम पर 10 फीसदी अतिरिक्त ड्यूटी लगाई जाएगी।अमेरिका की ओर से लगाई गई यह ड्यूटी 21 जून 2018 से लागू होगी।
Published on:
22 Jun 2018, 12:53 PM IST
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