
फेल हो सकती है मुद्रा लोन योजना, एक माह के अंदर ही सरकार को बांटने होंगे 1 लाख करोड़ रुपए के लोन
नई दिल्ली। 8 अप्रैल 2015 को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने मुद्रा लोन योजना की शुरुआत की थी, जिससे देश के करोड़ों लोगों को लाभ तो मिला लेकिन इस योजना का लक्ष्य अभी पूरा नहीं हुआ है। सरकार की इस योजना के तहत इस वित्त वर्ष में 3 लाख करोड़ रुपए लोन के रूप में बांटने का लक्ष्य था। इस वित्त वर्ष को समाप्त होने में अब सिर्फ एक ही महीना शेष है। आपको बता दें कि सरकार ने 22 फरवरी तक केवल 2 लाख करोड़ रुपए ही बांटे हैं, जो लक्ष्य से 1 लाख करोड़ रुपए कम है।
मुद्रा लोन योजना से इनको मिला सबसे अधिक लाभ
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, माइक्रो यूनिट्स डिवेलपमेंट ऐंड रिफाइनैंस एजेंसी लिमिटेड (MUDRA) के तहत 22 फरवरी तक, कुल आवंटित 2,10,759.51 करोड़ रुपए से 2,02,668.9 करोड़ रुपए के लोन दिए गए हैं। वित्त मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस वित्त वर्ष 3.89 करोड़ मुद्रा लोन पास हुए हैं। 2017-18 में 2,46,437.40 करोड़ रुपए के निर्धारित लक्ष्य से अधिक कर्ज बांटा गया। केंद्रीय बजट 2019-20 को पेश करते हुए फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा कि सरकार ने 15.56 करोड़ लोगों को 7.23 लाख करोड़ रुपए लोन के रूप में दिए हैं, जिसमें बड़ी हिस्सेदारी महिला लाभार्थियों की है।
क्या है मुद्रा लोन योजना ?
वास्तव में इस स्कीम के तहत पिछले सभी वित्त वर्ष में लक्ष्य से अधिक लोन दिया गया है। योजना के तहत बैंक छोटे उद्यमियों को 10 लाख रुपए तक का लोन दे सकते हैं। लोन को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। 'शिशु' कैटिगरी में 50,000 रुपए, 'किशोर' कैटिगरी में 50,001 रुपए से 5 लाख रुपए और 'तरुण' कैटिगरी में 5,00,001 रुपए से 10 लाख रुपए तक का लोन दिया जाता है।
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Published on:
03 Mar 2019 02:20 pm
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