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जीएसटी Impact: 30 फीसदी तक कम हुए ई-कॉ़मर्स कंपनियों के सेलर्स, जुलाई में और गिरेगी बिक्री

 ई-कॉमर्स कंपनियां जीएसटी लागू होने से पहले ई-वे बिल्स को लेकर संशय में थी, और अब अपने सेलर्स के पंजीकरण न होने के का कारण इन कंपनियों की बिक्री पर असर दिखना शुरु हो गया है। 

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Manish Ranjan

Jul 19, 2017

E-commerce Companies

E-commerce Companies

नई दिल्ली। जीएसटी लागू हुए 20 दिन का समय हो चुका है लेकिन ई-कॉमर्स कंपनियों की मुश्किलें कम होती नही दिख रही है। ई-कॉमर्स कंपनियां जीएसटी लागू होने से पहले ई-वे बिल्स को लेकर संशय में थी, और अब अपने सेलर्स के पंजीकरण न होने के का कारण इन कंपनियों की बिक्री पर असर दिखना शुरु हो गया है। जुलाई महीने में अब तक फ्लि‍पकार्ट, अमेजन, पेटीएम और स्‍नैपडील समेत कई दूसरी ई-कॉमर्स कंपनि‍यों से जुड़े करीब 30 फीसदी सेलर्स की संख्‍या कम हो गई है। कुछ सेलर्स ने ई-कॉमर्स को अपने गुड्स एंड सर्वि‍स टैक्‍स आईडेटि‍फि‍केशन नंबर (जीएसटीएन) नंबर नहीं दि‍ए हैं। वहीं, कई सेलर्स ऐसे हैं जि‍न्‍होंने अब तक जीएसटी के तहत रजि‍स्‍ट्रेशन ही नहीं कराया है। ऐसे में अंदेशा लगया जा रहा है कि आने वाले समय में ई-कॉमर्स कंपनियों की बिक्री में और गिरावट देखी जा सकती है।



क्यों है दिक्कत

जीएसटी के बाद जीएसटीएन नेटवर्क में हर छोटे बड़े सेलर्स को जुडऩा है, लेकिन अभी तक कई सेलर्स पंजीकरण नही करा पा रहे हैं। लिहाजा इ-कॉमर्स कंपनियों को इन सेलर्स को डिलिस्ट करना पर रहा है। नये नियम के तहत कोई भी कारोबारी बिना रजिस्ट्रेशन के कारोबार नही कर सकता है। हालांकि पेटीएम और अमेजन जैसे टॉप कंपनियों के सेलर्स में ज्यादातर ने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन करा लिया है। लेकिन बाकि कंपनियों की बात करें तो 10 से लेकर 30 फीसगी सेलर्स का रजिट्रेशन नही हो सका है। जानकारों के मुताबिक कई सेलर्स की ओर से शि‍कायत आ रही है कि‍ जीएसटी वेबसाइट ने रजि‍स्‍ट्रेशन लेना बंद कर दि‍या है और वो साइन नहीं कर पा रहे हैं। जिस कारण कई कंपनियों की साइट पर सेलर्स की संख्‍या 10 से 30 फीसदी
कम हो गई है। और इसका असर कंपनियों की बिक्री पर देखा जा रहा है।


पेटीएम के 85 हजार सेलर डिलिस्ट

पेटीएम ई-कॉमर्स प्राइवेट लि‍मि‍टेड की कंपनी पेटीएम मॉल अपने प्‍लैटफॉर्म पर सेलर्स को जोडऩे के लि‍ए प्रोसेस में बदलाव कि‍या है। पेटीएम ने क्‍वालि‍टी कंट्रोल को सुनि‍श्‍चि‍त करते हुए 85 हजार सेलर्स को डीलि‍स्‍ट कर दि‍या है। जो सेलर्स प्रोडक्ट्स क्‍वालिटी स्टैंडर्ड्स का पालन नहीं करते थे उनको प्‍लैटफॉर्म से हटा दि‍या गया है। हालांकि, कंपनी ने कहा है कि‍ सेलर्स को केवल जीएसटी की वजह से नहीं हटाया गया है। अमेजन इंडि‍या के स्‍पोक्‍सपर्सन ने कहा कि‍ जीएसटी के बाद से उनके सेलर्स की संख्‍या में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्‍होंने यह भी कहा कि‍ हमारे कमीशन स्‍ट्रक्‍चर में भी कोई बदलाव नहीं कि‍या गया है।


फ्लिपकार्ट की मार्जिन पर असर

ऑल इंडि‍या ऑनलाइन वेंडर्स एसोसि‍एशन के मुताबिक फ्लिफकॉर्ट समेत कुछ कंपनियों के कैटेगरीज मार्जिन पर असर देखा गया है। इसके अलावा‍ स्‍पोर्ट्स गुड्स और लाइफस्‍टाइल प्रोडक्‍ट्स की ऑनलाइन सेल करने वाले सेलर्स जि‍नका छोटा कारोबार है वह स्‍टॉक्‍स की कमी की वजह से ई-कॉमर्स प्‍लैटफॉर्म से बाहर हो रहे हैं।


रिटर्न फाइल पर संशय बरकरार

ऑल इंडि‍या ऑनलाइन वेंडर्स एसोसि‍एशनके मुताबिक कि‍ सेलर्स के बीच में एक सबसे बड़ी चिंता इस बात कि‍ है कि‍ वह रि‍टर्न कैसे फाइल करें। या तो वह राज्‍य के हि‍साब से रि‍टर्न फाइल करें या फि‍र केवल टर्नओवर के हि‍साब से। हालांकि इस संबंध में ई-कॉमर्स कमि‍टी से बातचीत जारी है और उम्मीद की जा रही है इसे सि‍तंबर से अपने फाइनल कर दि‍या जाएगा। वहीं, कुछ सेलर्स ऐसे हैं जि‍नको यह समझ नहीं आ रहा है कि‍ वेयरहाउस में रखे पुराने स्‍टॉक पर कि‍सी तरह से टैक्‍स लगेगा और प्रोडक्‍ट के रि‍टर्न को कैसे हैंडल कि‍या जाएगा।