
आर्थिक सर्वेक्षण से मिली जानकारी, बेहतर स्थिति में है केरल की अर्थव्यवस्था
नर्इ दिल्ली। केरल की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर (सकल राज्य घरेलू उत्पाद-जीएसडीपी) वित्त वर्ष 2016-17 के 6.22 फीसदी से बढ़कर वित्त वर्ष 2017-18 में 7.18 फीसदी हो गई। विधानसभा में बुधवार को पेश किए गए नवीनतम आर्थिक सर्वेक्षण में यह जानकारी दी गई। वित्त मंत्री थॉमस इस्साक ने नए वित्त वर्ष का बजट पेश करने के एक दिन पहले सदन में आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश की।
इस्साक ने राज्य की अर्थव्यवस्था के विकास के रास्ते पर होने की पुष्टि की। सर्वेक्षण में कहा गया, "स्थिर कीमतों (वित्त वर्ष 2011-12) के आधार पर वित्त वर्ष 2017-18 में प्रति व्यक्ति जीएसडीपी (सकल राज्य घरेलू उत्पाद) 1,48,927 रुपये रही, जबकि वित्त वर्ष 2016-17 में यह 1,39,645 रुपये थी।"
सर्वेक्षण में कहा गया, "कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों की जीएसडीपी की विकास दर 3.64 फीसदी रही, जो कि वित्त वर्ष 2016-17 से 0.08 फीसदी अधिक है।" इसी प्रकार विनिर्माण क्षेत्र में जीएसडीपी की दर 9.2 फीसदी रही, जो कि वित्त वर्ष 2016-17 में 7.8 फीसदी थी। जबकि द्वितीयक क्षेत्र में इसमें 6.52 फीसदी की तेजी आई, जोकि वित्त वर्ष 2016-17 में 4.81 फीसदी थी, तृतीयक क्षेत्र में जीएसडीपी की दर 5.84 फीसदी रही, जोकि पिछले वित्त वर्ष में 5 फीसदी थी।
Published on:
30 Jan 2019 06:13 pm
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