
नर्इ दिल्ली। आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग का कहना है कि साल 2025 तक भारत की अर्थव्यवस्था दोगुनी हो जाएगी। गर्ग ने ये जानकारी पिछले हफ्ते विश्व बैंक को दी है। मौजूदा समय में देश का अर्थव्यवस्था 2.6 ट्रिलियन डाॅलर यानि 173 लाख करोड़ रुपए है। लेकिन गर्ग के अनुसार 2025 तक ये दोगुनी होकर 5 ट्रिलियन डाॅलर (करीब 332 लाख करोड़ रुपए) हो जाएगी। एेसे में एक बड़ा सवाल है कि क्या ये वाकर्इ में संभव है? क्या एेसा हाे सकता है कि आने वाले सात सालों में भारतीय अर्थव्यवस्था बढ़कर दोगुनी हो जाएगी? आइए जानते है क्या एेसा संभव है?
एक साल में 337 बिलियन डाॅलर बढ़ी भारतीय अर्थव्यवस्था
गर्ग का कहना है कि साल 2007 से 2014 के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था एक ट्रिलियन डाॅलर से बढ़कर 2 ट्रिलियन डाॅलर हुआ था। साल 2016-17 के दौरान इसमें 336 बिलियन डाॅलर का इजाफा हुआ आैर आने वाले समय में जीडीपी की यही रफ्तार कायम रही तो भारत जल्द ही 5 ट्रिलियन डाॅलर की इकोनाॅमी बन जाएगा। वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान जीडीपी में जितनी बढ़ोतरी हुर्इ है वो विश्व के कुल 158 देशों से अधिक है। इनमें पाकिस्तान, बांग्लादेश, मलेशिया जैसे देश शामिल हैं। मौजूदा समय में अमरीका आैर चीन के बाद भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
चीन सबसे तेजी से बढ़ने वाला अर्थव्यवस्था
फिलहाल 19.1 ट्रिलयन डाॅलर के साथ अमरीका विश्व का सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। वहीं चीन 12 ट्रिलियन डाॅलर के साथ दूसरा सबसे बड़ा अर्थव्यवस्था है। अमरीका आैर चीन के बाद भारत का नंबर आता है। 2016-17 के दौरान विश्व में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यस्था में चीन पहले स्थान पर है। इस वित्त वर्ष में चीन की अर्थव्यवस्था में 793 बिलियन डाॅलर का इजाफा हुआ है। वहीं इसी अवधि में अमरीका के अर्थव्यवस्था में 766 बिलियन डाॅलर जुड़ा हैं। वहीं भारत की बता करकें ताे, भारत की अर्थव्यवस्था में 337 बिलियन डाॅलर की बढ़ोतरी हुर्इ है। जर्मनी आैर फ्रांस की आर्थिक रफ्तार मिला दें तो भी भारतीय अर्थव्यवस्था से कम है।
Published on:
29 Apr 2018 10:25 am
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