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भारत-पाक के बीच तनाव का अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा असर, लोकल बॉन्ड में आई गिरावट

भारत-पाक के बीच तनाव के असर से रुपए बाॅन्ड पर दिखा असर। डियन रिन्युएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी ने 10 साल के बॉन्ड से 10 अरब रुपए जुटाने के प्लान को निरस्त किया। भारत पेट्रोलियम भी 2 अरब रुपए जुटाने के लिए पंचवर्षीय सिक्योरिटीज को नहीं बेचने का फैसला लिया।

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भारत-पाक के बीच तनाव का अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा असर, लोकल बॉन्ड में आई गिरावट

नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़त तनाव का असर अब दोनों देशों की अर्थव्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। गत बुधवार को इसका असर रुपए बॉन्ड पर भी देखने को मिला। बुधवार सुबह से ही दोनों देशों की बीच बढ़ती तल्खी के दौरान में लोकल बॉन्ड में गिरावट का दौर देखने को मिला। भारत सरकार के अधीन इंडियन रिन्युएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी ने 10 साल के बॉन्ड से 10 अरब रुपए जुटाने के प्लान को निरस्त कर दिया है।

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इसके लिए इंडियन रिन्यूएबल डेवलपमेंट एजेंसी ने कारण बताया कि अनुमान के मुताबिक 10 साल के बॉन्ड की दरें अधिक हैं। वहीं दूसरी ओर, भारत पेट्रोलियम भी 2 अरब रुपए जुटाने के लिए पंचवर्षीय सिक्योरिटीज को नहीं बेचने का फैसला लिया है। भारत पेट्रोलियम का कहना है कि बाजार फिलहाल फौरी उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रहा है, ऐसे में फंड जुटाना सही नहीं होगा।

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न्यू डॉलर बॉन्ड को लेकर भी बढ़ सकती है चिंता

हाल ही में भारतीय वित्तीय बाजार में कई तरह के दबाव देखने को मिलेग। इन्फ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड (आईएलएंडएफएस) संकट व गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों में फंड की कमी से बाजार में दबाव का माहौल देखा गया था। केंद्र सरकार भी घरेलू बाजार में कर्ज के बोझ को कम करने का प्रयास कर रही है। गत बुधवार को टॉप रेटेड भारतीय रुपए वाले कार्पोरेट रेट का औसतन यील्ड् की 41 आधार अंक बढ़कर 8.55 फीसदी पर पहुंच गया था। ध्यान देने वाली बात है कि जुलाई 2013 के बाद यह सबसे बड़ी तेजी है। न्यू डॉलर बॉन्ड सेल्स को लेकर भी चिंता बढ़ सकती है।

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