
e commerce sites
नई दिल्ली: आर्थिक राहत पैकेज ( Financial Stimulous package ) की घोषणा करते वक्त प्रधानमंत्री मोदी ( pm modi ) ने लोकल के लिए वोकल ( Vocal For Local ) होने की बात कही थी और स्वदेशी के लिए तो ये सरकार पहले से ही अपनी आवाज बुलंद करती रही है। अब सरकार इस दिशा में एक और कदम उठाने जा रही है। दरअसल सरकार ई-कॉमर्स पॉलिसी ( E-Commerce Policy ) में बदलाव करने जा रही है। इस बदलाव के बाद ऑनलाइन साइट्स को अपनी साइट्स पर बिकने वाले सामान के निर्माण के बारे में बताना होगा। यानि प्रोडक्ट डीटेलिंग ( Product detailing ) ( में उसके मैनुफैक्चरिंग डीटेल कि वो मेड इन इंडिया ( Made In India ) है या कही और बना है ये बताना होगा।
कहा जा रहा है कि सरकार बॉयकॉट चायनीज प्रोडक्ट ( Buycott CHINESE PRODUCT ) के तहत ये कदम उठा रही है। दरअसल चीन द्वारा सीमा पर मुठभेड़ के बाद से चायनीज प्रोडक्ट के बॉयकॉट की मांग तेजी से उठ रही है। सरकार भी चीन से आयात कम करने के लिए व्यापक योजना बना रही है। इसके तहत ई-कॉमर्स कंपनियों ( E Commerce companies ) के लिए जल्दी ही यह बताना अनिवार्य बनाया जा सकता है कि जो माल वे बेच रही हैं, वह भारत में बना है या नहीं। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय फिलहाल इस प्रस्ताव को तैयार कर रहा है।
चीन का है भारी-भरकम व्यापार-
31 मार्च 2020 को समाप्त वित्त वर्ष के पहले 11 महीनों के दौरान चीन का भारत के साथ ट्रेड सरप्लस करीब 47 अरब डॉलर रहा है। भारत खिलौनों, घरेलू सामानों, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं और सौंदर्य प्रसाधनों की एक बड़ी मात्रा चीन से आया त करता है। हमारे कुछ Import में रिटेल ट्रेडर्स ( Retail Traders ) की हिस्सेदारी करीब 17 अरब डॉलर है।
अप्रैल 2019 से फरवरी 2020 के बीच चीन से भारत ने 62.4 बिलियन डॉलर करीब 4.7 लाख करोड़ रुपए की वस्तुओं का आयात किया है। वहीं, भारत से चीन ने 15.5 बिलियन डॉलर यानि लगभग करीब 1.1 लाख करोड़ रुपए की वस्तुओं का आयात किया है।
Published on:
19 Jun 2020 05:41 pm
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