
वृद्ध पेंशनधारकों का 9 अगस्त को ईपीएस कार्यालय पर 'ताला ठोको' आंदोलन
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में 60 से 80 साल के वृद्ध पेंशनधारक ईपीएस के प्रति अपना विरोध प्रकट करने के लिए आगामी नौ अगस्त को सेंट्रल प्रोविडेंट फंड कमिश्नर (ईपीएस) के दिल्ली कार्यालय में 'ताला ठोको' आंदोलन करेंगे। राष्ट्रीय संघर्ष समिति के अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत ने कहा, "ईपीएस 95 पेंशन के माध्यम से केवल 200 रुपए से लेकर 2500 रुपए तक की पेंशन मिलती है। इस छोटी-सी पेंशन में दो वृद्धों का जीवनयापन असंभव है। इस दयनीय आर्थिक स्थिति के कारण ये 'जेष्ठ' नागरिक अपने घरों में अपना स्थान खो चुके हैं।"
कोर्इ ठोस कार्रवार्इ नहीं हुर्इ
उन्होंने बताया, "पिछले साल छह दिसंबर को केंद्रीय मंत्री संतोष कुमार गंगवार ने उनकी मांगों के समर्थन में प्रस्ताव तैयार कर मंत्रालय की सिफारिश के साथ वित्त मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजने का आश्वासन दिया था, लेकिन प्रत्यक्ष रूप से अभी तक इसपर कोई ठोस करवाई नहीं हुई है।" संगठन ने मार्च 2018 में पूरे भारत में 'भिक्षा' आंदोलन किया था, जिसमें जमा राशि को प्रधानमंत्री रहत कोष में भेजा गया था। संसद के इस मॉनसून सत्र में कुछ संवेदनशील सांसदों ने यह मामला संसद में उठाया, लेकिन मांगों के संबंध में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
2017-18 में वेतन से अधिक पेंशन पर व्यय
वहीं सरकार की आेर से लोकसभा में जो आंकड़ें पेश किए गए हैं वो कुछ आैर ही बयां कर रहे हैं। सरकार के आंकड़ाें की मानें तो बीते वित्तीय वर्ष 2017-18 में सरकार वेतन से वेतन से पेंशन पर खर्च किया है। लोकसभा में वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक यह अंतर लगभग 10 हजार करोड़ रुपए का है और ऐसी स्थिति मार्च 2021 तक बनी रहेगी। आंकड़ों के मुताबिक सब्सिडी और ब्याज अदायगी के मदों में भी खर्च पर बढ़ोतरी होगी। लोकसभा में पेश आंकड़ों का एक सकारात्मक पहलू यह है कि वित्तीय वर्ष 2020-21 तक राजकोषीय घाटा जीडीपी का 3 फीसदी हो जाएगा। इस वित्त वर्ष में सरकार ने 3.3 घाटे का और 2019-20 में 3.1 फीसदी राजकोषीय घाटे का लक्ष्य रखा है।
Published on:
07 Aug 2018 10:13 pm
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