
जिस फ्रांस के सामने कर्इ क्रोएशियार्इ भरते हैं पानी, फीफा फाइनल में आज उन्हीं से होगा मुकाबला
नर्इ दिल्ली। जहां एक आेर फ्रांस इन दिनों में जीडीपी के मामले में भारत से पिछड़ने को लेकर चर्चा में हैं। वहीं दूसरी आेर आज रात फीफा फाइनल में जीत का प्रबल दावेदार भी माना जा रहा है। लेकिन यहां फ्रांस का जिससे मुकाबला है वर्ल्ड इकोनाॅमी के मामले में उस जैसे कर्इ देश फ्रांस के सामने पानी भरते हुए नजर आते हैं। यह कहना भी कम नहीं फ्रांस एेसे कर्इ देशों की इकोनाॅमी को अपने दम पर संभाल सकता है। फ्रांस का फीफा में मुकाबला क्रोएशिया से है। इस फाइनल रिजल्ट तो भविष्य के गर्भ में छिपा है। लेकिन फ्रांस वर्ल्ड इकोनाॅमी में कितना मजबूत है वो उसके बारे में हम आपको भी बता देते हैं…
दुनिया की सातवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
हाल ही वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट आर्इ है। जिसमें फ्रांस दुनिया की 7वीं सबसे बड़ी इकोनाॅमी है। इससे पहले उसका स्थान इस मामले में छठा स्थान था। लेकिन भारत उससे आगे निकल गया है। मौजूदा समय में फ्रांस जीडीपी 2.583 ट्रिलियन डाॅलर है। जबकि क्रोएशिया की जीडीपी के मामले में दुनिया में 81 वां स्थान रखता है। आंकड़ों के हिसाब से क्रोएशिया की जीडीपी 61.056 billion डाॅलर है। इसका मतलब है फ्रांस की इकोनाॅमी के सामने एेसे कर्इ क्रोएशिया पानी मांगते नजर आएंगे।
फ्रांस के लोग ढार्इ गुना हैं ज्यादा अमीर
अगर दोनों देशों के लोगों की अमीरी की तुलना की जाए तो फ्रांस के लोग क्रोएशिया के लोगों से ढार्इ गुना ज्यादा अमीर हैं। आंकड़ों की मानें तो फ्रांस की प्रति व्यक्ति आय 39,869 डाॅलर है। जिसका दुनिया में 22वां स्थान हैं। वहीं दूसरी क्रोएशिया की बात करें तो उस देश की प्रति व्यक्ति आय फ्रांस के मुकाबले ढार्इ गुना से भी कम है। क्रोएशिया के लोगों की प्रति व्यक्ति आय 14,788 डाॅलर है। जिसका दुनिया में 57वां स्थान हैं।
हर महीने तीन गुना ज्यादा कमाते हैं फ्रांस के राष्ट्रपति
फ्रांस के राष्ट्रपति की सैलरी क बात करें तो क्रोएशिया के मुकाबले तीन गुना ज्यादा सैलरी पाते हैं। आंकड़ों पर बात करें तो फ्रांस राष्ट्रपति को हर महीने 16,98,475 रुपए मिलते हैं। जोकि क्रोएशिया के राष्ट्रपति के मुकाबले काफी ज्यादा है। जबकि क्रोएशिया के राष्ट्रपति की सैलरी हर महीने 3,73,444 है। अब आप अंदाजा लगा सकते है कि फ्रांस अपने देश में क्रोएशिया के राष्ट्रपति की सैलरी के मुकाबले तीन लोगों नौकरी पर रख सकता है। अब देखने वाली बात होगी फीफा के फाइनल में फ्रांस अपनी इकोनाॅमी के हिसाब से स्ट्रांग साबित होता है। या फिर क्रोएशिया फ्रांस से ज्यादा मजबूत साबित होता है।
Published on:
15 Jul 2018 03:23 pm
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