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RBI ने जारी की मौद्रिक समीक्षा, EMI में कोई रियायत नहीं

जताई अभी और महंगाई बढ़ने की आशंका लेकिन दिसंबर में सब्जियों और फलों की कीमतों में कमी आने की उम्मीद

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Puneet Parashar

Dec 01, 2015

RBI

chit fund business

नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष की ऋण एवं मौद्रिक नीति की पांचवीं द्विमासिक समीक्षा में आज घर और कार लोन लेने के लिए उम्मीद लगाये लोगों को निराश करते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने ब्याज में कोई परिवर्तन नहीं किया है। आरबीआई गवर्रनर घुराम राजन राजन ने कहा कि उम्मीद के अनुरूप अक्टूबर में लगातार तीसरे महीने उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित खुदरा महंगाई में बढोतरी दर्ज की गयी है।जिसका मुख्य कारण दाल की कीमतों में हुई बढ़ोत्तरी है।

उन्होंने कहा कि सितंबर में चौथी द्विमासिक समीक्षा के बाद से वैश्विक विकास पर लगातार दबाव दिख रहा है। वैश्विक व्यापार भी सुस्त पडा हुआ है क्योंकि कई प्राथमिक वस्तुओं और औद्योगिक वस्तुओं की आपूर्ति मांग से अधिक है।अमेरिका की चौथी तिमाही में विकास पर दबाव दिख रहा है। यूरो मंडल की अर्थव्यवस्था भी पटरी पर आती नहीं दिख रही है। चीन के विकास में भी शिथिलता बनी हुयी है। इसके अलावा अन्य उभरते बाजारों पर घरेलू दबाव दिख रहा है।


श्री राजन ने कहा कि कि उम्मीद के अनुरूप महंगाई में बढ़ोतरी होने से दिसंबर तक इसमें वृद्धि होने के संकेत है। हालांकि सब्जियों और फलों की कीमतों में कमी आने से इसमें कुछ नरमी आने की उम्मीद है। तेल की कीमतों में कुछ तेजी आने का अनुमान जताते हुये उन्होंने कहा कि खाद्य और ईंधन को अलग करने के बाद भी अगले इसमें बढोतरी होने की आशंका है। हालांकि इसके रिजर्व बैंक के अनुमान के अनुरूप रहने की उम्मीद है।

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