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अटल बिहारी वाजपेयी की वो योजना, जिसने बदल कर रख दी करोड़ों लोगों की जिंदगी

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत पिछले 24 घंटे से नाजुक बनी हुई है। अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत को लेकर भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) का कहना है की उनकी हालात में कोई सुधार नहीं आ रहा हैं।

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 अटल बिहारी वाजपेयी

अटल बिहारी बाजपेयी

नई दिल्ली। भारत के पूर्व प्रधानमंत्रीअटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत पिछले 24 घंटे से नाजुक बनी हुई है। अटल बिहारी वाजपेयी की तबीयत को लेकर भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) का कहना है की उनकी हालात में कोई सुधार नहीं आ रहा हैं। देश के सभी बड़े नेता एम्स जा कर अटल बिहारी वाजपेयी का हाल चाल पूछा रहे हैं। अटल बिहारी वाजपेयी ने ना सिर्फ एक प्रधानमंत्री के रुप में बल्कि एक नेता के रुप में भी देश के विकास में हमेशा मदद की है। अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से शुरु ऐसी ही एक योजना ने लोगों की टेंशन कम करने में मदद कर रही है। इस योजना का नाम है अटल पेंशन योजना। इस स्कीम के चलते अगर व्यक्ति फाइनेंशियल प्लानिंग के तहत पेंशन स्कीम में पैसा लगाता है तो उसे अपने बुढ़ापे की टेंशन नहीं लेनी होगी।


1,000 से 5,000रुपए तक प्रति माह मिलेगी पेंशन
वर्तमान की केंद्र सरकार भी अटल पेंशन योजना लेकर आई थी। जिसे कुछ लोग तो इसे निवेश योजना भी बोलते हैं।बता दें की अगर अटल पेंशन योजना में निवेश किया जाता है। तो 60 वर्ष की आयु से लेकर बाकी जीवन काल तक 1,000 रुपए प्रति माह से लेकर 5,000 रुपए प्रति माह की पेंशन मिलती है। यानी अटल पेंशन योजना में पेंशन 1,000, 2,000, 3,000, 4,000 या 5,000 रुपए प्रति माह तक मिलते है। क्योंकि ये स्कीम सरकार ने शुरु की है तो इसकी भी गारंटी सरकार की है।

मृत्यु के बाद भी मिलेगा लाभ
इस योजना का दूसरा लाभ यह है कि यह स्कीम योजनाधारक की मृत्यु के बाद भी चालू रहती है। यानी योजनाधारक के ऊपर आश्रित को भी इस योजना का लाभ मिलता है। मृत्यु के बाद पति या पत्नी को यह पेंशन मिलती रहेगी।दोनों की मृत्यु के बाद, पत्नी (या पति) की मृत्यु के बाद 60 वर्ष की आयु पर जो भी पेंशन फंड में राशि थी, वह नोमिनी को दे दी जाती है। पति या पत्नी के निधन के बाद जमा राशि (जो भी 60 वर्ष की आयु तक जमा हो गयी थी) नोमिनी को दे दी जाती है।


किसी भी बैंक में हो बचत खाता
इतना ही नहीं, इसमें पत्नी (पति अगर पत्नी स्कीम धारक है तब) को स्कीम चालू रखने की भी छूट होती है। वह 60 वर्ष की आयु तक योजना में पैसा जमा कर स्कीम चालू रख सकती है और फिर उसका पूरा लाभ उठा सकती है।अटल पेंशन योजना में खाता खोलने के लिए भारतीय नागरिक होना चाहिए। इसके लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष है।इस योजना में प्रवेश के लिए अधिकतम आयु 40 वर्ष रखी गई है। इसके लिए आपके पास किसी भी बैंक में बचत खाता होना चाहिए। एक व्यक्ति अटल पेंशन योजना के तहत केवल एक खाता खोल सकता है। इस योजना के लिए राशि सालाना, छमाही, त्रैमासिक या फिर मासिक दी जा रही है।अटल पेंशन योजना के अंतर्गत आपको कितनी पेंशन मिलेगी यह बात आपकी योगदान राशि और योजना में प्रवेश की आयु पर निर्भर करती है।

कभी भी कर सकते है बदलाव
अटल पेंशन योजना में इस बात का प्रावधान है कि आप पेंशन जमा करने की राशि कभी भी बदल सकते हैं।इस योजना का एक और लाभ है कि 60 वर्ष की आयु से पहले अटल पेंशन योजना का खाता बंद किया जा सकता है। 60 वर्ष की आयु से पहले निधन या किसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए अटल पेंशन योजना खाता बंद किया जा सकता है।

मिलती है टैक्स में छूट
योजना में खाताधारक को पैसा जमा करने पर टैक्स में भी छूट मिलती है। अटल पेंशन योजना में निवेश के लिए धारा 80 सीसीडी (1) और धारा 80 सीसीडी (1 बी) के तहत टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं। धारा 80 सीसीडी (1) के तहत, आप अपनी वार्षिक आय के 20% तक के लिए अटल पेंशन योजना में निवेश के लिए टैक्स बेनिफिट ले सकते हैं (अधिकतम 1.5 लाख प्रति वित्तीय वर्ष)। यह धारा 80सी के तहत 1.5 लाख की सीमा के अन्दर आता है।अटल पेंशन योजना में निवेश के लिए 50,000 रुपए तक का एक अतिरिक्त कर लाभ उठा सकते हैं

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