
अटल बिहारी वाजपेयी की हालत नजाकु, टल सकती है राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक
नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत बेहद नाजुक हैं। एम्स अस्पताल में उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थोड़ी देर में फिर से अटलजी को देखने के लिए एम्स पहुंच रहे हैं। कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी अटल जी को देखने दिल्ली आ गए हैं। इससे पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी समेत बड़े नेता उन्हें देखने पहुंचे और डॉक्टरों से हालात की जानकारी ली। वहीं अटल जी की तबीयत नाजुक को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने देश भर में सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक भी टल सकती है। 18-19 अगस्त को होने वाली बैठक को रद्द हो सकती है। वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जन आशीर्वाद यात्रा रोक दी है। वहीं राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के लिए भाजपा दफ्तर को फूलों की माला से सजाया गया था । जिसे उतार लिया गया है।
अटल बिहारी वाजपेयी को देखने के लिए आज सुबह उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू एम्स पहुंचे। इसके अलावा सत्तापक्ष और विपक्ष के तमाम नेता ट्वीट कर वाजपेयी के दीर्घायु होने की कामना कर रहे हैं।
यूरिन और किडनी में बढ़ गया है इंफेक्शन
93 वर्षीय पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी बीते 11 जून से अस्पताल में भर्ती हैं। वाजपेयी एम्स के कार्डियो थोरेसिक सेंटर के गहन चिकित्सा कक्ष में हैं। जानकारी के मुताबिक एम्स में भर्ती अटल बिहारी वाजपेयी की हालत पिछले 24 घंटे में ज्यादा बिगड़ गई। उनके यूरिन, सीने और किडनी में इंफेक्शन बढ़ गया है। डॉक्टरों का पैनल उनकी निगरानी कर रहा है। इससे पहले भी पीएम मोदी ने 29 जून को एम्स पहुंचकर वाजपेयी की सेहत का जायजा लिया था। स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी के अलावा पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, संघ प्रमुख मोहन भागवत समेत कई हस्तियों ने एम्स जाकर वाजपेयी की सेहत का हाल जाना था।
कार्यकाल पूरा करने वाले पहले गैर कांग्रेसी पीएम
आपको बता दें कि 25 दिसंबर, 1924 में जन्मे वाजपेयी ने भारत छोड़ो आंदोलन के जरिए 1942 में भारतीय राजनीति में कदम रखा था। वर्तमान में अन्य बीमारियों के साथ वो डिमेंशिया नाम की गंभीर बीमारी से भी जूझ रहे हैं। 2009 से ही व्हीलचेयर पर हैं। कुछ समय पहले भारत सरकार ने उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया था। अटल बिहारी वायपेयी 1991, 1996, 1998, 1999 और 2004 में लखनऊ से लोकसभा सदस्य चुने गए थे। वो बतौर पीएम अपना कार्यकाल पूर्ण करने वाले पहले और अभी तक एकमात्र गैर-कांग्रेसी नेता हैं।
Published on:
16 Aug 2018 01:49 pm
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