29 सितंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

1700 करोड़ रुपए की लागत से देश में खुलेंगे 70 नए मॉडल कॉलेज

केंद्र सरकार देश के 117 पिछड़े जिलों में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए 1700 करोड़ की लागत से 70 नए मॉडल कॉलेज खोलने जा रही है
2 min read
Google source verification

•

image

Kamal Singh Rajpoot

•

Jul 17, 2018

prakash

1700 करोड़ रुपए की लागत से देश में खुलेंगे 70 नए मॉडल कॉलेज

केंद्र सरकार देश के 117 पिछड़े जिलों में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए 1700 करोड़ की लागत से 70 नए मॉडल कॉलेज खोलने जा रही है और 29 कॉलेजों विकसित कर उन्हें मॉडल डिग्री कॉलेज बनाने जा रही है और इसके अलावा सात नए प्रोफेशनल कॉलेज भी खोले जाएंगे। मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस योजना को तेजी से लागू करने का सभी राज्यों को निर्देश दिया है।

इस बारे में उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए राज्यों के शिक्षा मंत्रियों और सचिवों को भी संबोधित किया। उन्होंने सभी राज्यों से अनुरोध किया कि वे बराबरी, सुगम्यता एवं उत्कृष्टता के लक्ष्यों को प्राप्त करने से संबंधित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप इन जिलों में शिक्षा की गुणवत्ता के साथ-साथ शिक्षा से जुड़ी बुनियादी ढांचागत सुविधाओं को भी बेहतर करने के लिए 'रुसा' और 'समग्र शिक्षा' के तहत विभिन्न विशेष एवं विशिष्ट योजनाओं को तेजी से लागू करें।

उन्होंने बताया कि इन जिलों में 70 नए मॉडल कॉलेजों की स्थापना, मौजूदा डिग्री कॉलेजों का अद्यतन करके उन्हें मॉडल डिग्री कॉलेजों में तब्दील करने, नए निर्माण, अद्यतन/पुनरुत्थान एवं उपकरणों की खरीद के जरिए बुनियादी ढांचागत सुविधाओं को मजबूत करने और छात्रावासों, प्रयोगशालाओं एवं पुस्तकालयों के निर्माण/अद्यतन, इत्यादि के लिए अब तक 1700 करोड़ रुपए से भी अधिक की राशि आवंटित की गई है। उन्तीस कॉलेजों को अद्यतन करके उन्हें मॉडल डिग्री कॉलेजों में तब्दील करना, सात नए प्रोफेशनल कॉलेज (यथा इंजीनियरिंग एवं प्रबंधन), 188 कॉलेजों और नौ विश्वविद्यालयों को बुनियादी ढांचागत अनुदान देना भी इस सहायता राशि में शामिल है।

उन्होंने यह भी बताया कि उच्च शिक्षा में समानता लाने के लिए महिलाओं, अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति और शिक्षा की दृष्टि से पिछड़े समुदायों पर ध्यान केन्द्रित किया जा रहा है और शिक्षा के मानक को बेहतर करने के उद्देश्य से पांच करोड़ रुपए की राशि का आवंटन किया जा रहा है। स्कूली शिक्षा का उल्लेख करते हुए जावड़ेकर ने कहा कि छात्राओं के लिए अलग शौचालयों के निर्माण और उनके रखरखाव के लिए पर्याप्त प्रावधान किया गया है। इसके अलावा पेयजल तथा स्कूलों में स्वच्छता का प्रावधान भी किया गया है। केंद्र सरकार ने सरकारी स्कूलों में शौचालयों के रखरखाव और पीने के साफ पानी की व्यवस्था करने के लिए धनराशि का पहले ही प्रावधान कर दिया है तथा इसके लिए पंचायती राज संस्थाओं को अधिकृत किया गया है।

जावड़ेकर ने कहा, मैं राज्य सरकारों से आग्रह करता हूं कि वे पंचायती राज स्तर पर उचित समन्वय सुनिश्चित करें। उन्होंने राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे सरकारी स्कूलों में बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करें। इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि कुछ स्कूलों में बिजली बिलों का भुगतान न होने के कारण उनकी बिजली काट दी जाती है। हम लोगों ने समग्र शिक्षा के तहत दिया जाने वाला अनुदान 14000 रुपए से बढ़ाकर 25000 रुपए और 50,000 रुपए से बढ़ाकर 100,000 रुपए कर दिया है। राज्य सुनिश्चित करें की बिजली बिलों का भुगतान समय पर कर दिया जाए।