
Pilot Shambhavi Pathak Family(Image-Patrika.com)
Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के बारामती में बुधवार को जो हुआ, उसने हर किसी को झकझोर दिया। लैंडिंग की कोशिश के दौरान एक निजी जेट अचानक नियंत्रण से बाहर हो गया और हादसे का शिकार हो गया। इस दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार समेत कुल छह लोगों की मौत हो गई। विमान में मौजूद पीएसओ, पायलट और चालक दल के अन्य सदस्य भी इस हादसे में नहीं बच सके। इस हादसे में कॉकपिट में बतौर को-पायलट कैप्टन शांभवी पाठक बैठी हुई थी, इस दुर्घटना में उनकी भी मौत हो गई।
शांभवी की पढ़ाई की शुरुआत वायु सेना बाल भारती स्कूल, ग्वालियर से हुई। यहीं से आसमान में उड़ने की चाह ने आकार लिया। 2018 में इंटरमीडिएट के बाद उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय का रुख किया। यहां से उन्होंने एरोनॉटिक्स, एविएशन और एयरोस्पेस साइंस व टेक्नोलॉजी में बीएससी की पढ़ाई की। पढ़ाई के साथ-साथ उनका फोकस कमर्शियल पायलट बनना था।
शांभवी को पायलट बनने की प्रेरणा उनके पापा से मिली। शांभवी के पापा एयरफोर्स में अफसर थे। आसमान में उड़ने की प्रेरणा शांभवी को यहीं से मिली। कॉलेज के बाद शांभवी ने न्यूजीलैंड इंटरनेशनल कमर्शियल पायलट अकादमी में ट्रेनिंग ली। 2018-19 के बीच उन्होंने न्यूजीलैंड के न्यूजीलैंड नागरिक उड्डयन प्राधिकरण और भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) दोनों के मानकों पर खरा उतरते हुए कमर्शियल पायलट लाइसेंस हासिल किया।
वो फ्लाइट इंस्ट्रक्टर भी बनीं, मतलब वो नए पायलटों को सिखाने की काबिलियत रखती थीं। शांभवी ने असिस्टेंट इंस्ट्रक्टर के रूप में भी काम किया, जहां उन्होंने कई युवा पायलटों को उड़ान के गुर सिखाए। अगस्त 2022 से वो एक प्राइवेट कंपनी में फुल-टाइम फर्स्ट ऑफिसर के तौर पर जुड़ी हुई थीं। वहां वो लियरजेट-45 जैसे तेज रफ्तार बिजनेस जेट उड़ाती थीं, जो आमतौर पर अमीर लोग, उद्योगपति या खास यात्राओं के लिए इस्तेमाल होते हैं।
Updated on:
30 Jan 2026 02:21 pm
Published on:
30 Jan 2026 02:20 pm

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