
Students
News: सरकारी नौकरी में आवेदन के लिए फर्ज़ी दस्तावेज कई उम्मीदवारों द्वारा लगाना कोई नहीं बात नहीं है। कई बार ऐसी घटना सामने आई है, जिसमें उम्मीदवार फर्ज़ी दस्तावेज की मदद से भर्ती प्रक्रिया में आवेदन कर देते हैं। ऐसा ही एक मामला फिर से सामने आया है। बिहार तकनीकी सेवा आयोग की बहाली में कुछ अभ्यर्थियों ने फर्जी प्रमाण पत्र का सहारा लेकर आवेदन कर दिया था। जब आयोग ने डाक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन किया तो यह बात सामने निकल कर आई। इस मामले में दो महिला समेत आठ अभ्यर्थियों के नाम सामने आए हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोग के उप सचिव रमीज फहमी नेअभ्यर्थियों के खिलाफ सचिवालय थाने में FIR दर्ज करने को लेकर आवेदन दिया है। आवेदन की पुलिस जांच कर रही है। 29 और 30 नवंबर को कनीय अभियंता(Junior Engineer) JE पद के नियुक्ति के लिए डाक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन का काम किया जा रहा था।
यह खबर भी पढ़ें:-इंजीनियरिंग के इन कोर्सों में है सबसे ज्यादा पैसा
आयोग ने शिकायत में कहा कि एक उम्मीदवार जिसका नाम नीतीश सिंह है, उसने एक ही सत्र में स्वामी विवेकानंद विवि से सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा और साथ ही जय प्रकाश यूनिवर्सिटी से बीएससी की डिग्री हासिल की है। जो एक साथ संभव नहीं है। एक छात्र ने ऐसा प्रमाण पत्र दिया जिसमें यूनिवर्सिटी का नाम जो लिखा हुआ था, ऐसा कोई यूनिवर्सिटी है ही नहीं। वहीं एक और उम्मीदवार ने चार अलग-अलग आवेदन में चार अलग-अलग तरह के प्रमाण पत्र दिए हैं।
उम्मीदवारों के नाम की बात करें तो सीवान के नीतीश कुमार सिंह, लखीसराय के मणिकांत कुमार, पटना की मोनिका कुमारी, बेगूसगू राय के राजेश कुमार, सुपौल की प्रियंका कुमारी, दिलीप कुमार चौधरी, मधुबनी के मनीष कुमार, बेगूसगूराय
के मो. फैजूद्दीन का नाम शामिल है।
Published on:
30 Nov 2024 05:13 pm
बड़ी खबरें
View Allशिक्षा
ट्रेंडिंग
