29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मनमानी फीस पर लगाम लगाने के लिए कदम उठाए CBSE : प्रकाश जावेडक़र

मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मनमानी फीस और शिक्षकों को निर्धारित वेतन से कम मिलने की शिकायतों को रोकने के लिए केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) को निजी स्कूलों के लिए दिशा-निर्देश जारी करने को कहा है।

2 min read
Google source verification
Prakash Javadekar

Prakash Javadekar

मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मनमानी फीस और शिक्षकों को निर्धारित वेतन से कम मिलने की शिकायतों को रोकने के लिए केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) को निजी स्कूलों के लिए दिशा-निर्देश जारी करने को कहा है। जावड़ेकर ने बुधवार को विज्ञान भवन में 12वीं की परीक्षा में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 75 स्टूडेंट्स को गुण गौरवपुरस्कार प्रदान करते हुए यह बात कही। उन्होंने समारोह में केन्द्रीय नवोदय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय और दिल्ली सरकार के स्कूलों के स्टूडेंट्स के अलावा दिव्यांग तथा आर्थिक रूप से कमजोर एवं दलित छात्रों को यह पुरस्कार प्रदान किए।

समारोह में स्कूली शिक्षा सचिव रीना रे, सीबीएसई के सचिव अनुराग त्रिपाठी, मानव संसाधन विकास मंत्रालय में संयुक्त सचिव आर सी मीणा और नवोदय विद्यालय समिति के आयुक्त वी के सिंह भी उपस्थित थे। जावड़ेकर ने निजी स्कूलों की चर्चा करते हुए कहा कि सीबीएसई को चाहिए कि वह इन स्कूलों के लिए भी गाइडलाइन्स जारी करे। स्कूल की दुकान से ही किताब और ड्रेस लेना क्यों अनिवार्य हो। स्कूलों की फीस भी मनमानी न हो। उन्हें फीस बढ़ाने का अधिकार हो, पर महंगाई के हिसाब से उसका प्रतिशत निर्धारित हो।

उन्होंने यह भी कहा कि निजी स्कूल भी अपने खर्चे को सार्वजानिक करें और कोई गुप्त राशि स्टूडेंट्स से न लें। इतना ही नहीं, शिक्षकों को तनख्वाह सीधे उनके बैंक में भेजें। मानव संसाधन विकास मंत्री ने बोर्ड की परीक्षाओं में सरकारी स्कूलों के प्रदर्शन की चर्चा करते हुए कहा कि कौन कहता है कि सरकारी स्कूल अच्छे नहीं होते। नवोदय विद्यालय के नतीजे 99 प्रतिशत रहे तो केन्द्रीय विद्यालय के नतीजे 98 प्रतिशत रहे। नवोदय विद्यालय की प्रवेश परिक्षा के लिए 22 लाख स्टूडेंट्स ने भाग लिया, जबकि सीट 46 हजार है। इस तरह 60 में से एक छात्र का दाखिला होता है।

जावड़ेकर ने कहा कि केवल रट्टा मरकर पढऩा ही गुण नहीं है, बल्कि समझकर पढऩा, गायन आदि भी गुण हैं। स्कूलों में छात्रों को एक घंटा खेल और कसरत पर समय देना चाहिए। उन्होंने शिक्षा में नैतिक मूल्यों भाई चारा और जीवन के रोजमर्रा के कामों में कौशल प्राप्त करने पर भी जोर दिया। सीबीएसई के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने कहा कि 1929 में 29 स्कूलों से सीबीएसई का सफर शुरू हुआ था और आज देश-विदेश में 22 हजार से अधिक स्कूल हैं, 15 लाख अध्यापक हैं और दो करोड़ लोगों का परिवार है।

उन्होंने कहा कि दो वर्ष पहले पांच विषयों पर कार्यशालाएं आयोजित की गईं थी। इनमें नैतिक शिक्षा,शिक्षकों का प्रशिक्षण, खेल, स्वास्थ्य आदि शामिल है। सीबीएसई ने इन पर मैनुएल तैयार किए हैं। उन्हें स्कूलों में लागू किया गया है। समारोह में बारहवीं की संयुक्त टॉपर हंसिका शुक्ल और करिश्मा कपूर के अलावा तेरह सेकंड टॉपरों को भी सम्मानित किया। समारोह में जवाहर नवोदय विद्यालय और केन्द्रीय विद्यालय के 5-5 दिल्ली सरकार के आठ छात्रों के अलावा दिव्यांग, दलित, आदिवासी श्रेणी के 9-9 टॉपरों तथा कमजोर वर्ग के 15 छात्रों को भी पुरस्कृत किया।

Story Loader