
गुरुकुल में नि:शुल्क शिक्षा देने वालों को फ्री मिलेगी जमीन
गुरूकुल में नि:शुल्क शिक्षा देने वालों को फ्री में जमीन दी जाएगी। इसके अलावा शिक्षकों की भी नियुक्ति की जाएगी। इस काम की शुरूआत फिलहाल हरियाणा में की जा रही है। इसके पीछे हरियाणा सरकार का मकसद प्राचीन गुरुकुल शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा देना है जिसके लिए घोषणा भी की गई है। इसके अलावा हरियाणा सरकार कक्षा एक से आठ तक के लिए लागू नो डिटेंशन पॉलिसी के पक्ष में भी नहीं। सरकार इसको समाप्त करने की वकालत कर रही है। इसके पीछे तर्क है कि इस पॉलिसी से स्टूडेंट्स के पढ़ने की आदत पर अच्छा असर नहीं पड़ता, क्योंकि उनमें फेल होने का कोई डर नहीं होता।
21 सदस्यीय राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद गठित
मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य में शिक्षा प्रणाली में गुणात्मक सुधार लाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के बजट का एक बड़ा हिस्सा बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा देने पर खर्च किया जा रहा है। इतना ही नहीं बल्कि शिक्षा की बेहतरी के लिए 21 सदस्यीय राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद भी गठित की गई है।
प्राचीन गुरुकुल शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने प्राचीन गुरुकुल शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने वाले गुरुकुलों को फ्री में जमीन देगी। साथ ही सरकार गुरुकुल को चलाने के लिए शिक्षकों समेत सभी अन्य आवश्यक प्रबंध करवाने में भी मदद करेगी। उन्होंने कहा कि गुरुकुल में केवल पढ़ने, लिखने और अंकगणित की शिक्षा तक सीमित करने के बजाय नैतिक मूल्यों, योग एवं देशभक्ति को शिक्षा प्रणाली का हिस्सा बनाया जाना चाहिए जिससे की बच्चों का समग्र विकास हो सके। इसके अलावा राज्य सरकार गीता जयंती समरोह का आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कर रही है। इस साल गीता जयंती समरोह के कार्यक्रम मॉरीशस और यूनाइटेड किंगडम (यूके) में भी आयोजित किए जाएंगे। इस संबंध में इन देशों से निमंत्रण प्राप्त हुए हैं।
Published on:
08 Aug 2018 11:28 am
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