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हुब्बल्ली में शहर और गांव की संस्कृति का सुंदर संगम: जैन

हुब्बल्ली के घंटीकेरी स्थित शांतिनिकेतन अंग्रेजी माध्यम स्कूल का 26वां वार्षिक महोत्सव विद्यालय परिसर में हर्षोल्लास और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि रेलवे के वरिष्ठ आइआरएएस अधिकारी मुकेश कुमार जैन रहे। कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कार और संस्कृति का सुंदर समन्वय देखने को मिला, जिसने विद्यार्थियों में आगे बढऩे और मेहनत करने का नया जोश भर दिया। यह वार्षिक महोत्सव न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा का मंच बना, बल्कि उन्हें मेहनत, आत्मविश्वास और संस्कारों के साथ आगे बढऩे की प्रेरणा भी दे गया।

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हुब्बल्ली के घंटीकेरी स्थित शांतिनिकेतन अंग्रेजी माध्यम स्कूल के 26वें वार्षिक महोत्सव में मौजूद अतिथि।

हुब्बल्ली के घंटीकेरी स्थित शांतिनिकेतन अंग्रेजी माध्यम स्कूल के 26वें वार्षिक महोत्सव में मौजूद अतिथि।

अतिथियों का स्वागत
समारोह में चौगाला एजुकेशन सोसायटी के निदेशक वीरेन्द्र डी. चेड्डा, चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष जी.के. अदप्पगौडर, प्रकासन्स एक्सट्रैक्ट्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के एमडी प्रकाशचंद पी. भलघट तथा अरुण ज्वैलरी धारवाड़ के प्रोपराइटर अरुणकुमार वी. तलेसरा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्थानी विद्या प्रचारक मंडल के अध्यक्ष भंवरलाल सी. जैन सिवाना ने की।

असफलता से कभी डरना नहीं चाहिए
मुख्य अतिथि मुकेश कुमार जैन ने विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि छात्रों की प्रस्तुतियां उत्कृष्ट और अनुकरणीय रहीं। उन्होंने हुब्बल्ली को देश का एक विशेष शहर बताते हुए कहा कि यहां शहर और गांव की संस्कृति का सुंदर संगम देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि इस विद्यालय में नैतिक मूल्यों और डिजिटल शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जो आज के समय की आवश्यकता है। छात्रों को प्रेरित करते हुए जैन ने अपने जीवन का उदाहरण साझा किया और कहा कि असफलता से कभी डरना नहीं चाहिए। मैं स्वयं दो बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की प्रारंभिक परीक्षा पास नहीं कर सका, लेकिन प्रयास नहीं छोड़ा। निरंतर परिश्रम से ही सफलता मिलती है। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा पूर्ण करने के बाद समाज को कुछ लौटाने का भी आह्वान किया।

कड़ी मेहनत ही जीवन में आगे बढऩे की कुंजी
समारोह की अध्यक्षता कर रहे विद्यालय के अध्यक्ष भंवरलाल सी. जैन सिवाना ने स्कूल के गौरवशाली इतिहास और शैक्षणिक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। विशिष्ट अतिथि चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष जी.के. अदप्पगौडर ने कहा कि शिक्षा केवल अंकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। आत्मविश्वास, अनुशासन और कड़ी मेहनत ही जीवन में आगे बढऩे की कुंजी हैं। असफलता को सफलता की सीढ़ी मानकर आगे बढऩा चाहिए।

होनहार विद्यार्थियों को सोने के सिक्के
इस अवसर पर अरुण ज्वैलरी धारवाड़ के प्रोपराइटर अरुणकुमार वी. तलेसरा की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों नेहा नलवदी, युवराज खत्री, मोहम्मदी हता खबीब को 2-2 ग्राम सोने के सिक्के देकर सम्मानित किया गया। विभिन्न विषयों में टॉपर रहे छात्रों को भी पुरस्कार प्रदान किए गए।

किया प्रतिभा का प्रदर्शन
कार्यक्रम का विशेष आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे। म्हारो प्यारो राजस्थान सहित विभिन्न गीतों पर नृत्य, नाटक और समूह प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। हर कक्षा के विद्यार्थियों ने अलग-अलग प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसे देखकर अभिभावक और अतिथि मंत्रमुग्ध हो गए। समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। अतिथियों का शॉल, माला और साफा पहनाकर पारंपरिक सम्मान किया गया।

कई गणमान्य लोग थे उपस्थित
इस अवसर पर मोनिका मुकेश जैन, गीता वीरेन्द्र चेड्डा, मधु अरुणकुमार तलेसरा, जैन राजस्थानी विद्या प्रचारक मंडल के सचिव भरत एम. भंडारी (सीए), कोषाध्यक्ष पुरणकुमार आर. नाहटा, निदेशक महावीर जे. जैन, विवेक आर. शाह, सोहन एच तातेड, अभिषेक सी. मेहता, पृथ्वीराज एस. सुराणा एवं मनोज ए. मांडोत के साथ ही गुलाब भंवरलाल सी.जैन, मोनिका एम. जैन, सुरेश सी. जैन लक्की, प्राचार्य एम. विजयलक्ष्मी, स्कूल के प्रशासक बसवराज शेट्टर, शांतिनाथ हिंदी विद्यालय के प्रधानाध्यापक विलास पुदाले, शांतिनिकेतन पीयू कॉलेज के प्रधानाचार्य वेंकन्ना हुग्गी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

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