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मेडिकल एडमिशन : गुजरात हाई कोर्ट ने डोमिसाइल नियम को सही ठहराया

गुजरात उच्च न्यायालय ने राज्य में MBBS सहित Medical-Dental पाठयक्रमों में दाखिले को लेकर गुजरात सरकार के बनाए डोमिसाइल......

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Jameel Ahmed Khan

Jun 26, 2018

Medical Admission

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गुजरात उच्च न्यायालय ने राज्य में MBBS सहित Medical-Dental पाठयक्रमों में दाखिले को लेकर गुजरात सरकार के बनाए डोमिसाइल व अन्य नियमों को पूरी तरह वैध ठहराया है। मुख्य न्यायाधीश आर. सुभाष रेड्डी व न्यायाधीश वी. एम. पंचोली की खंडपीठ ने कई विद्यार्थियों की ओर से दायर याचिका पर सोमवार को अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि राज्य सरकार का मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए गुजरात का डोमिसाइल होना तथा 10वीं व 12वीं कक्षा राज्य से उत्तीर्ण होने का नियम जायज है।

खंडपीठ ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से बनाए नियमों को रद्द करना सही नहीं होगा। हालांकि न्यायालय ने राज्य सरकार से यह भी कहा कि गुजरात के डोमिसाइल धारक विद्यार्थियों, जिन्होंने गुजरात के बाहर से 10वीं कक्षा उत्तीर्ण की है, के प्रवेश को लेकर बिना समय बर्बाद किए तुरंत निर्णय ले।

उच्च न्यायालय ने इन सभी याचिकाओं पर गत शुक्रवार को सभी पक्षों व राज्य सरकार की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। राज्य सरकार की ओर से यह दलील दी गई थी कि राज्य सरकार को अपने विद्यार्थियों के हित में नियम बनाने का पूरा अधिकार है। राज्य सरकार ने यह दलील दी कि गुजरात के बाहर के विद्यार्थी यहां मेडिकल पाठयक्रम में दाखिला लेकर पढ़ाई पूरी करते हैं, लेकिन पढ़ाई करने के बाद गुजरात से बाहर चले जाते हैं। इसलिए राज्य सरकार को अपने विद्यार्थियों के हित में नियम बनाने का पूरा अधिकार है।

याचिकाकर्ताओं ने मेडिकल दाखिले को लेकर गुजरात प्रोफेशनल मेडिकल एजूकेशनल कोर्सेस (नामांकन व फीस निर्धारण नियम) नियम, 2017 तथा गुजरात प्रोफेशनल मेडिकल एजूकेशनल कोर्सेस (अंडरग्रेजुएट कोर्सेस में नामांकन नियम) संशोधन नियम, 2018 के कुछ प्रावधानों को चुनौती दी थी। इसके तहत राज्य सरकार के उस नियम का विरोध किया गया था जिसके तहत गुजरात के डोमिसाइल तथा दसवीं, बारहवीं की परीक्षा गुजरात से ही उत्तीर्ण किए जाने के नियम को अनिवार्य किया गया है।

राज्य सरकार का मेडिकल पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए इस तरह का अतार्तिक नियम बनाना किसी तरह से उचित नहीं है। इसलिए नियम को खारिज करते हुए याचिकाकर्ताओं के एमबीबीएस पाठ्यक्रम में दाखिले पर विचार किया जाए और क्वालिफाई होने पर दाखिला दिया जाए।

डोमेसाइल मतलब :
ऐसे विद्यार्थी जो बाहरी राज्य से आकर यहां कम से कम दस वर्षों से रह रहे हैं और उनके पास इसके पर्याप्त दस्तावेज हैं, तो उन्हें राज्य के कोटे में प्रवेश मिल सकता है। इसके लिए उसे डोमेसाइल प्रमाण-पत्र मिलता है।