
IIT Madras: कुछ साल पहले थे बड़े-बुजुर्ग कहा करते थे, “पढ़ोगे लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे तो बनोगे खराब।” हालांकि, अब तस्वीर बदलती नजर आ रही है। माता-पिता से लेकर IIT जैसा संस्थान भी कला और खेलकूद को बढ़ावा दे रहा है। इसी उद्देश्य के साथ देश में पहली बार एक आईआईटी संस्थान ने अपने यहां छात्रों को ‘फाइन आर्ट एंड कल्चर एक्सीलेंस’ के आधार पर UG इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश देने का फैसला लिया है। IIT Madras की इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य पेंटिंग, मूर्तिकला, गीत, संगीत जैसी ललित कला की विधा और संस्कृति को प्रोत्साहन देना है।
आईआईटी मद्रास के 14 पाठ्यक्रमों में अब 2 अतिरिक्त सीटों पर फाइन आर्ट एंड कल्चर एक्सीलेंस के आधार पर एडमिशन दिए जाएंगे। इसके लिए ‘फाइन आर्ट एंड कल्चर एक्सीलेंस’ के तहत प्रवेश राष्ट्रीय पुरस्कार तथा जेईई- एडवांस्ड के संयुक्त अंकों की मेरिट सूची के आधार पर दिया जाएगा।
फाइन आर्ट एंड कल्चर एक्सीलेंस का लाभ लेने के लिए छात्रों का नीचे दिए गए इन पुरस्कारों की श्रेणियों में से किसी एक का विजेता होना आवश्यक है। इन पुरस्कारों को अलग-अलग श्रेणी में बांटा गया है और इन पर अंक भी निर्धारित किए गए हैं। इस संबंध में डिटेल जानकारी के लिए आपको IIT Madras की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
इसके अलावा, आईआईटी मद्रास खेल (स्पोर्ट्स) के आधार पर भी दाखिला देने वाला पहला IIT है। संस्थान ने शैक्षणिक वर्ष 2024-2025 से ‘स्पोर्ट्स एक्सीलेंस एडमिशन’ (एसईए) की शुरुआत की, जिसके तहत यह भारतीय नागरिकों के लिए अपने प्रत्येक स्नातक कार्यक्रम में दो अतिरिक्त सीटें प्रदान करता है। इन दो सीटों में से एक विशेष रूप से महिला छात्र के लिए आरक्षित है।
1959 में IIT Madras की स्थापना हुई थी। तब से लेकर आजतक इस संस्थान ने केवल अनुसंधान और शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है बल्कि प्रयोगशाला अनुसंधान में भी कई परिवर्तन आए हैं। आईआईटी मद्रास की QS वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग (QS WUR) बीते वर्ष 285 थी। वहीं इस साल संस्थान ने QS WUR 2025 में 227वीं रैंक हासिल कर ली है। यही नहीं NIRF 2024 रैंकिंग के तहत इंजीनियरिंग की श्रेणी IIT Madras पहले स्थान पर है।
Updated on:
21 Dec 2024, 10:03 AM IST
Published on:
21 Dec 2024, 10:01 AM IST
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