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इस कोर्स को करने के बाद विदेश में मिलेगी नौकरी और मनचाही सैलेरी

पानी की जरूरत को देखते हुए कई देशी विदेशी कंपनियां ऐसी भी हैं जो खराब पानी को साफ कर प्रयोग में लेने का काम कर रही हैं।

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जयपुर

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Sunil Sharma

Oct 20, 2018

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कॅरियर की बात करें तो पानी से जुड़े कई ऐसे क्षेत्र हैं जिनकी पढ़ाई कर कॅरियर बना सकते हैं। पानी की जरूरत को देखते हुए कई देशी विदेशी कंपनियां ऐसी भी हैं जो खराब पानी को साफ कर प्रयोग में लेने का काम कर रही हैं। घटते हुए पानी के स्तर को देखते हुए इसे संरक्षित करना जरूरी है। इसके संरक्षण के अलावा प्रबंधन और सुधारण का काम भी जरूरी है।

इसमें ओशियन इंजीनियरिंग के अलावा एक्वारिस्ट, जीरो लिक्विड डिस्चार्ज, मैराइन एजुकेटर व रिसर्चर, एन्वायरन्मेंटल इंजीनियर, वाटर ट्रीटमेंट, वाटर प्यूरिफायर, वाटर प्लांट इंस्टॉलेशन, हाइड्रोलॉजिस्ट आदि कई काम कर सकते हैं। व्यक्ति इस क्षेत्र में खुद का बिजनेस करने के अलावा किसी के साथ काम कर सकता है। जानें इस क्षेत्र के बारे में-

योग्यता
वाटर ट्रीटमेंट में जाने के लिए रुचि के अलावा न्यूनतम योग्यता मैट्रिक व 12वीं के साथ बीटेक होना चाहिए। केमिकल इंजीनियरिंग, केमिस्ट्री विषय में ग्रेजुएशन व पोस्ट ग्रेजुएशन के साथ मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की जरूरत होती है। प्लंबिंग, इलेक्ट्रिशियन और फिटर ट्रेड से आइटीआइ कर सकते हैं।

यहां से लें शिक्षा
(1) इंडियन वाटर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट, गुजरात
(2) इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ वाटर मैनेजमेंट
(3) राजस्थान यूनिवर्सिटी, जयपुर
(4) मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर
(5) बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड सांइस, पिलानी

कई पदों पर कर सकते हैं काम
वाटर ट्रीटमेंट मैनेजर, एग्जीक्यूटिव, ऑपरेटर, प्लांट सुप्रीटेंडेंट और सुपारवाइजर आदि पदों पर काम किया जा सकता है। इसके अलावा विभिन्न फील्ड में अलग-अलग काम शामिल है। जैसे-

वाटर ट्रीटमेंट
सामान्य पानी को कई तरह की प्रक्रियाओं के जरिए उपयोग में लेने लायक बनाया जाता है। जिसमें पीने योग्य बनाना, औद्योगिक उपयोग जैसे बॉयलर और कूलिंग टावर के लिए, होटल इंडस्ट्री और हॉस्पिटल में सर्जिकल इक्यूप्मेंट को साफ करने व उपचार के दौरान इसे उपयोग में लेते हैं।

वेस्ट वाटर मैनेजमेंट
दूषित पानी को सामान्य पानी बनाकर उपयोग में लेने का काम होता है। इसमें डॉमेस्टिक और इंडस्ट्रियल वेस्ट को शामिल किया जाता है।

रिसाइक्लिंग
इसमें एक बार प्रयोग में लिए गए दूषित पानी को शुद्ध कर प्रयोग में लेते हैं। इस प्रक्रिया को बार-बार दोहराया जाता है। औद्योगिक भाषा में इसे जेड-एलडी या जीरो लिक्विड डिस्चार्ज कहते हैं।

संबंधित कोर्स
M.Tech. in Environment Engineering, M.Tech. in Chemical Engineering तथा संबंधित फील्ड में पीएचडी आदि कोर्स उपलब्ध हैं। कई सरकारी और प्राइवेट संस्थानों में ऐसे प्रोफेशनल्स की जरूरत होती है। कई सरकारी विभाग भी इसमें शामिल हैं।