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Jobs: ज्यादा पढ़े-लिखे कर रहे हैं कम स्किल वाले काम, मात्र 8.25 फीसदी ग्रेजुएट को मिला रहा योग्यता अनुसार नौकरी

JOBS: 28.12 फीसदी ऐसे लोग शिक्षा में लेवल 4 की पढ़ाई के बाद भी लेवल 2 और 3 के काम कर रहे हैं। स्किल लेवल 3 के लिए योग्य लोगों में से केवल 8.25 फीसदी को ही उपयुक्त नौकरी मिली है।

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भारत

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Anurag Animesh

Jul 03, 2025

JOBS: भारतीय ग्रेजुएट को योग्यता के अनुसार काम नहीं मिल पा रहा है। आधे से अधिक ग्रेजुएट अपनी शिक्षा से कम कौशल वाले काम में लगे हुए हैं। हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रेटेजी एंड कॉम्पिटिटिवनेस के भारतीय सहयोगी इंस्टीट्यूट फॉर कॉम्पिटिटिवनेस की नवीनतम रिपोर्ट से पता चलता है कि केवल 8.25 फीसदी भारतीय स्नातक ही अपनी योग्यता के अनुरूप नौकरियों में कार्यरत हैं। जबकि 50 फीसदी से ज्यादा ग्रेजुएट कम योग्यता वाले (लो-स्किल) कार्यो में लगे हैं, जैसे क्लर्क, मशीन ऑपरेटर और सेल्समैन । यह आंकड़ा Periodic Labor Force Survey (PLFS) से सामने आया है, जो दिखाता है कि भारत में ग्रेजुएट डिग्रियां तो तेजी से बांटी जा रही है लेकिन उसी रफ्तार से गुणवत्तापूर्ण नौकरियां पैदा नहीं हो रहीं।

JOBS: भारत में नौकरियों को कौशल स्तर 1 से 4 तक बांटा गया


National Occupation Classification (NCO) के तहत भारत में नौकरियों को कौशल स्तर 1 से 4 तक बांटा गया है। आदर्श स्थिति में उच्च शिक्षा प्राप्त व्यक्ति को उच्च कौशल वाली नौकरी मिलनी चाहिए। स्किल लेवल 4 की नौकरियों में काम करने वालों में 38.23% ग्रेजुएट है, लेकिन वे ओवरक्वालिफाइड माने जाते हैं।

28.12 फीसदी ऐसे लोग शिक्षा में लेवल 4 की पढ़ाई के बाद भी लेवल 2 और 3 के काम कर रहे हैं। स्किल लेवल 3 के लिए योग्य लोगों में से केवल 8.25 फीसदी को ही उपयुक्त नौकरी मिली है।

वर्क फोर्स में ओवर क्वालिफाइड लोग

(स्किल-1 - शिक्षा आधारित वर्कफोर्स प्रतिशत)
वर्ष: 2017-18 बनाम 2023-24

🔝 टॉप-5 राज्य (स्किल-1 वर्कफोर्स प्रतिशत)

क्रमराज्य2017-18 (%)2023-24 (%)
1बिहार63.7163.64
2मेघालय59.2061.16
3झारखंड62.5659.74
4मध्यप्रदेश60.6858.22
5राजस्थान64.4957.29

🔻 बॉटम-5 राज्य (स्किल-1 वर्कफोर्स प्रतिशत)

क्रमराज्य2017-18 (%)2023-24 (%)
1लक्षद्वीप41.8037.92
2पुडुचेरी36.9435.69
3केरल36.1932.98
4चंडीगढ़38.1532.71
5गोवा35.0631.97


बिहार, झारखंड और मेघालय जैसे राज्यों में 60% से अधिक कार्यबल स्किल-1 (शिक्षा) श्रेणी में आता है, जो दीर्घकालिक आर्थिक विकास के लिए चुनौतीपूर्ण है।

श्रमिकों के पास अपेक्षित औपचारिक शिक्षा का अभाव


अपर्याप्त योग्यता कौशल स्तर 2 की नौकरियों में 8.56 फीसदी श्रमिकों के पास अपेक्षित औपचारिक शिक्षा का अभाव है। यह अनौपचारिक कौशल प्रशिक्षण या अनुभव- आधारित नौकरियों के कारण हो सकता है।
यहां पर तकनीक और व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण (टीवीईटी) महत्त्वपूर्ण हो जाता है। टीवीईटी कम योग्यता वाले व्यक्तियों को गैप पाटने में सक्षम बनाता है, न इसकी सुविधाएं अपर्याप्त हैं।

उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे बड़ी युवा आबादी वाले राज्यों को इस असंतुलन को दूर करने में सबसे अधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।