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कॉलेज छात्राओं के निशुल्क ड्राइविंग लाइसेंस बनेंगे

मध्यप्रदेश में देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती पर मंगलवार से राज्य में कॉलेज छात्राओं को निशुल्क ड्राइविंग लाइसेंस देने की योजना की शुरुआत हो रही है। इस दिन राज्य के चुनिंदा कन्या महाविद्यालयों में शिविर लगाए जाएंगे। राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने अपने वचन-पत्र में महिला सशक्तिकरण की बात कही थी, साथ ही छात्राओं को निशुल्क ड्राइविंग लाइसेंस देने का वादा किया था।

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मध्यप्रदेश में देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती पर मंगलवार से राज्य में कॉलेज छात्राओं को निशुल्क ड्राइविंग लाइसेंस देने की योजना की शुरुआत हो रही है। इस दिन राज्य के चुनिंदा कन्या महाविद्यालयों में शिविर लगाए जाएंगे। राज्य विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने अपने वचन-पत्र में महिला सशक्तिकरण की बात कही थी, साथ ही छात्राओं को निशुल्क ड्राइविंग लाइसेंस देने का वादा किया था। देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जन्मदिन से कांग्रेस अपने वादे को पूरा करने जा रही है।

राज्य के परिवहन एवं राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया, मध्यप्रदेश सरकार ने वचन-पत्र में महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की है। महाविद्यालयीन छात्राओं को निशुल्क ड्राइविंग लायसेंस प्रदान करने की योजना लागू करने का निर्णय इसी दिशा में पहल है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं 19 नवम्बर को भोपाल स्थित शासकीय नूतन कन्या महाविद्यालय में छात्राओं को निशुल्क ड्राइविंग लाइसेंस प्रदान कर योजना का शुभारंभ करेंगे।

राजपूत ने बताया कि इस दिन प्रदेश में चयनित कन्या महाविद्यालयों में शिविर आयोजित कर छात्राओं को निशुल्क ड्राइविंग लाइसेंस वितरित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्षभर में निश्चित अंतराल से सभी कन्या महाविद्यालयों में निशुल्क ड्राइविंग लाइसेंस वितरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अगले चरण में प्रदेश के सभी तहसील मुख्यालयों पर जिले के प्रभारी मंत्री की उपस्थिति में निश्चित अंतराल पर पूरे वर्ष शिविर लगाए जाएंगे।

राज्य में वाहनों के हो रहे चालान को लेकर उठ रहे सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि चालानी कार्रवाई के नियम लागू करने का उद्देश्य धनोपार्जन नहीं, बल्कि लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक कर उनका जीवन सुरक्षित करना है।