
NEET
देश भर में मेडिकल कोर्सेज में प्रवेश के लिए नीट परीक्षा का आयोजन रविवार को हुआ। अभ्यर्थियों को फिजिक्स के प्रश्नों ने सबसे अधिक परेशान किया। न्यूमेरिकल प्रश्नों की संख्या अधिक होने के कारण कई छात्रों ने काफी प्रश्नों को समय की कमी देखते हुए छोडऩा ही बेहतर समझा। एनसीइआरटी की किताबों पर आधारित केमिस्ट्री और बायोलॉजी के आसान प्रश्नों ने उनके चेहरों पर जरूर मुस्कुराहट बिखेरी।
नीट परीक्षा में इस बार शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को सख्त जांच का सामना करना पड़ा। पूरी बांह की शर्ट को अनुमति नहीं होने की वजह से कई छात्रों की आस्तीनें कैंची से काट दी गई और केंद्रों पर सख्ती का आलम यह था कि उनके पैसे भी जमा करा लिए गए। लड़कियों को परीक्षा हाल में बाल खोलकर ही जाने की अनुमति मिली और उनकी कृत्रिम जूलरी तक जमा करवा ली गई।
दिल्ली के केंद्र पर एक छात्र को दुर्घटना की वजह से पैर में रॉड के कारण परीक्षा में बैठने से रोक दिया गया। हालांकि उसे अनुमति मिल गई लेकिन परीक्षा खत्म होने से पहले उसके पिता को मेडिकल सर्टिफिकेट जमा कराना पड़ा अन्यथा उसकी कॉपी सीबीएसई नहीं भेजी जाती।
नीट में दो सवालों पर संशय की स्थिति
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टैस्ट (नीट) यूजी में इस बार दो सवालों पर संशय की स्थिति बनी है। कैमिस्ट्री में ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक के एक-एक सवाल में गफलत सामने आई है। जनरल ऑर्गेनिक कैमिस्ट्री के एक सवाल में जहां दो ऑप्शन सही हैं तो दूसरी ओर इनऑर्गेनिक कैमिस्ट्री के एक सवाल में चारों ऑप्शन सही नहीं बताए गए हैं, एक्सपट्र्स के अनुसार, हिंदी में एक ऑप्शन ठीक हो सकता है। जबकि इंग्लिश में वही आंसर गलत लगता है।
इन सवालों के लिए स्टूडेंट्स को बोनस अंक का चांस मिल सकता है। बहरहाल, रविवार को शहर में आयोजित हुआ एग्जाम स्टूडेंट्स को मॉडरेट लगा। स्टूडेंट्स का कहना था कि पेपर एनसीईआरटी आधारित था, हालांकि कुछ सवाल कैल्कुलेशन बेस्ड होने से उन्हें अटेम्प्ट करने में समय ज्यादा लगा। स्टूडेंट्स के अनुसार, बायोलॉजी और फिजिक्स में ९० प्रतिशत से ज्यादा सवाल एनसीईआरटी बेस्ड आए। ओवरऑल पेपर बैलेंस्ड रहा। स्टूडेंट्स को परीक्षा केन्द्रों पर हाई सिक्योरिटी से गुजरना पड़ा। सीबीएसई के निर्देशों के अनुसार, गल्र्स की नोज और हेयर पिन तक चैक की गईं। स्टूडेंट्स को शूज पहनकर आने की अनुमति नहीं दी गई। पैन एग्जाम सेंटर पर ही दिया गया।
मिला फटा पेपर
विद्याधर नगर स्थित एक सेंटर पर एग्जाम देकर आई प्रियांशी नरुला ने बताया कि उन्हें फटा हुआ पेपर दिया गया। इसकी शिकायत जब उन्होंने सेंटर अधिकारियों से की तो कुछ देर तक जद्दोजहद चलती रही। उन्होंने पर्ची पर सवाल लिखकर दे दिए। एेसे में उनका काफी समय खराब हुआ। कुछ सेंटर्स पर पंखे नहीं चलने से स्टूडेंट्स को गर्मी में परेशानी आई।
एक्सपर्ट ओपिनियन
एक्सपर्ट आशीष अरोड़ा के अनुसार, फिजिक्स एनसीईआरटी बेस्ड थी, लेकिन काफी लैंदी और कैल्कुलेटिव रही। 45 में से 27 सवाल न्यूमैरिकल में से थे, वहीं 33 प्रतिशत सवाल एडवांस थ्योरी बेस्ड रहे। बायोलॉजी में11 सवाल एनसीईआरटी से इतर रहे। एक्सपर्ट सुरेश द्विवेदी के अनुसार, कैमिस्ट्री में 50 प्रतिशत सवाल 11वीं और 50 प्रतिशत १२वीं क्लास के सिलेबस से पूछे गए। इनऑर्गेनिक कैमिस्ट्री में 10 सवाल कैमिकल बॉन्डिंग और कॉर्डिनेशन कैमिस्ट्री के दो टॉपिक से पूछे गए। 80 प्रतिशत सवाल एनसीईआरटी से पूछे गए और यह काफी आसान रहे। एक्सपर्ट अरुण गौड़ के मुताबिक बायोलॉजी एनसीईआरटी बेस्ड रही। फिजिक्स को डिसाइडिंग माना जा सकता है।
Published on:
07 May 2018 10:01 am
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