scriptNEP 2020: भविष्य की शिक्षा से तय होगा, हम कितना आगे जाएंगे - पीएम मोदी | Prime minister narendra modi address nation to mark one year of new education policy | Patrika News

NEP 2020: भविष्य की शिक्षा से तय होगा, हम कितना आगे जाएंगे - पीएम मोदी

locationनई दिल्लीPublished: Jul 29, 2021 05:39:25 pm

Submitted by:

Dhirendra Mishra

 

पीएम मोदी ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को एक साल पूरा होने पर सभी देशवासियों और सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बीते एक वर्ष में देश के आप सभी महानुभावों, शिक्षको, प्रधानाचार्यों, नीतिकारों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को धरातल पर उतारने में बहुत मेहनत की है।

PM Narendra Modi
नई दिल्ली। देशभर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर घोषणा के आज एक साल पूरे हो गए। एनईपी 2020 की पहली वर्षगांठ पर आयोजित एक कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित कर रहे हैं। पीएम मोदी ने देशवासियों खासकर शिक्षा जगत से जुड़े, शिक्षकों, अभिभावकों और छात्रों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के एक साल पूरे होने पर बधाई दी है। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल के दौरान नई शिक्षा नीति को लागू करने की दिशा में कई काम हुए हैं और कई पर तेजी से काम जारी है। साथ ही शिक्षा नीति पर अमल का काम भी तेजी से जारी है।
हम कितना आगे जाएंगे ये भविष्य की शिक्षा पर करेगा निर्भर
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले एक साल के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर अमल को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए हैं। देश का युवा वर्ग बदलाव चाहता है। नई शिक्षा नीति पर अमल से देशभर में ऐतिहासिक बदलाव को बढ़ावा मिलेगा। पीएम मोदी ने कहा कि बीते एक वर्ष में देश के आप सभी महानुभावों, शिक्षको, प्रधानाचार्यों, नीतिकारों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को धरातल पर उतारने में बहुत मेहनत की है। भविष्य में हम कितना आगे जाएंगे, कितनी ऊंचाई प्राप्त करेंगे, ये इस बात पर निर्भर करेगा कि हम अपने युवाओं को वर्तमान में कैसी शिक्षा दे रहे हैं।
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21वीं सदी के युवाओं को एक्सपोजर चाहिए
कोरोना महामारी के दौर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर चरणबद्ध तरीके से काम हो रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करना आजादी के अमृत महोत्सव का प्रमुख हिस्सा बन गया है। इतने बड़े महापर्व के बीच राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत आज शुरू हुईं योजनाएं नए भारत के निर्माण में बहुत बड़ी भूमिका निभाएंगी। पीएम मोदी ने कहा कि मैं मानता हूं भारत की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति राष्ट्र निर्माण के महायज्ञ में बड़े फैक्टर्स में से एक है। 21वीं सदी का युवा अपनी व्यवस्थाएं, अपनी दुनिया खुद अपने हिसाब से बनाना चाहता है। इसलिए, उसे एक्सपोजर चाहिए, उसे पुराने बंधनों, पिंजरों से मुक्ति चाहिए।
AI प्रोग्राम युवाओं को बनाएगा फ्यूचर ओरिएंटेड
नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति युवाओं को ये विश्वास दिलाती है कि देश अब पूरी तरह से उनके साथ है, उनके हौसलों के साथ है। जिस आर्टिफिसियल इंटेलीजेंस ( AI ) के प्रोग्राम को अभी लॉंच किया गया है, वो भी हमारे युवाओं को future oriented बनाएगा, AI driven economy के रास्ते खोलेगा।
एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स से आएगा क्रांतिकारी बदलाव
एनईपी की पहली वर्षगांठ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स और नेशनल डिजिटल एजुकेशन आर्किटेक्चर जैसे कई कार्यक्रमों को लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक टेक्नोलॉजी पर आधारित Academic Bank of credit सिस्टम से इस दिशा में विद्यार्थियों के लिए क्रांतिकारी बदलाव आने वाला है।
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युवाओं को मिली इस मजबूरी से मुक्ति
पीएम ने कहा कि अब हर युवा अपनी रुचि और सुविधा से कभी भी एक स्ट्रीम का चयन कर सकता है और छोड़ सकता है। Multiple entry & exit की व्यवस्था ने विद्यार्थियों को एक ही श्रेणी और एक ही कोर्स में जकड़े रहने की मजबूरी से मुक्त कर दिया है। आज बन रही संभावनाओं को साकार करने के लिए हमारे युवाओं को दुनिया से एक कदम आगे होना पड़ेगा। हेल्थ, डिफेंस, इनफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नालजी, देश को हर दिशा में समर्थ और आत्मनिर्भर होना होगा। आत्मनिर्भर भारत का ये रास्ता स्किल डेवलपमेंट और तकनीक से होकर जाता है।
पीएम ने इस बात पर जताई खुशी
पीएम मोदी ने कहा कि आज सभी को यह जानकारी देते हुए खुशी हो रही है कि 8 राज्यों के 14 इंजीनियरिंग कॉलेज, 5 भारतीय भाषाओं- हिंदी-तमिल, तेलुगू, मराठी और बांग्ला में इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू करने जा रहे हैं। इंजीनिरिंग के कोर्स का 11 भारतीय भाषाओं में ट्रांसलेशन के लिए एक टूल भी develop किया जा चुका है। भारतीय साइन लैंग्वेज को पहली बार एक भाषा विषय यानि एक Subject का दर्जा प्रदान किया गया है। अब छात्र इसे एक भाषा के तौर पर भी पढ़ पाएंगे। इससे भारतीय साइन लैंग्वेज को बहुत बढ़ावा मिलेग। हमारे दिव्यांग साथियों को भी इससे बहुत मदद मिलेगी।
शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव पर जोर

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि उनका ध्यान नई शिक्षा के उद्देश्यों को तय समय सीमा के अंदर लागू करना है। बता दें कि पिछले साल केंद्र सरकार ने पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में NEP को मंजूरी दी थी। NEP 2020 ने 1986 में तैयार की गई शिक्षा नीति पूरी तरह से बदल दिया और कुछ नए और नए सुधार किए हैं। एनईपी का मकसद भारत को एक ज्ञान महाशक्ति के रूप में विकसित करना है। इसके साथ ही स्कूल और उच्च शिक्षा प्रणाली में युगांतकारी परिवर्तन लाना है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इससे पहले जेईई एडवांस परीक्षा तिथि की घोषणा की थी। इसके मुताबिक परीक्षा का आयोजन 3 अक्टूबर को होगा। पहले यह परीक्षा 3 जुलाई को होने वाली थी, लेकिन देश में कोरोना स्थिति को देखते हुए परीक्षा को स्थगित कर दिया गया था।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने कैबिनेट की मंजूरी प्राप्त करने के बाद 29 जुलाई, 2020 को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की घोषणा की थी। मंत्रालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अलग-अलग कार्यों को करने के लिए एक छत्र निकाय के रूप में भारतीय उच्च शिक्षा आयोग की स्थापना का प्रयास कर रहा है।

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