
IIT IIM Ranking in World
QS World Universities Ranking 2018 : क्यूएस वल्र्ड यूनिवर्सिटीज रैंकिंग 2018 में भारत की स्थिति में काफी गिरावट दर्ज की गई है। विषयवार बनाई गई इस रैंकिंग में 25 भारतीय संस्थानों ने विभिन्न विषयों में 142 रैंकिंग पर कब्जा जमाया है।
देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थान 48 विषयों में 80 स्थानों पर काबिज हैं हालांकि पच्चीस विषयों की रैंकिंग में गिरावट आई है और सिर्फ पांच विषयों की रैंकिंग में सुधार आया है। इसका सबसे बुरा पक्ष यह रहा कि आईआईएससी, बंगलूरु को भी जोडऩे पर पांच विषयों में रैंकिंग सुधार की तुलना में 33 विषयों की रैंकिंग में गिरावट हुई है । सबसे बेहतर प्रदर्शन आईआईटी बॉम्बे का रहा जो 21 विषयों की रैंकिंग में शामिल है, हालांकि यहां भी पांच विषयों की रैंकिंग में गिरावट दर्ज की गई।
कुछ विषयों में पहली बार आईआईटी ने अपनी जगह बनाई है। आईआईटी खडग़पुर ने सोशल साइंस की रैंकिंग में और आईआईटी दिल्ली ने पहली बार भाषा विज्ञान की रैंकिंग में जगह बनाया है।
देश के बीस आईआईएम में से सिर्फ तीन अहमदाबाद, कोलकाता और बंगलूरु के आईआईएम ही रैंकिंग में हैं। हालांकि पिछले वर्ष 109 संस्थान शीर्ष सौ में थे जबकि इस बार सिर्फ 20 संस्थान ही इस सूची में हैं। यह रैंकिंग में सबसे बड़ी गिरावट है। शिक्षा क्षेत्र में बड़े संस्थानों की यह स्थिति बेहद चिंताजनक है।
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आईआईटी मद्रास में शिपिंग मंत्रालय की महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत स्थापित बंदरगाहों, जलमार्ग और तटों के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी केंद्र (एनटीसीपीडब्ल्यूसी) नवीनतम प्रौद्योगिकी का केंद्र होगा। इसके अलावा पोर्ट और समुद्री क्षेत्र में काम करने के लिए लागत और समय की भी बचत होगी। मंत्रालय की तकनीकी शाखा के रुप में इस केंद्र का प्रमुख कार्य बंदरगाहों, भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण और अन्य संस्थानों के लिए इंजीनियरिंग और तकनीकी जानकारी प्रदान करना होगा। इसके अतिरिक्त यह केंद्र शिपिंग मंत्रालय में काम कर रहे लोगों को तकनीकी प्रशिक्षण भी देगा।
Published on:
02 Mar 2018 10:42 am
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