UP Board 10th, 12th Result 2020 : फेल हुए स्टूडेंट के लिए खुशखबरी, अब आराम से होंगे Exam में पास

Highlights
- वहीं 12वीं में अनुराग मलिक ने 97 % अंकों के साथ टॉप किया है
- इस बीच अगर आप परीक्षा पास नहीं कर पाए हैं तो दुखी होने की बात (UP Board 10th 2020) बिल्कुल नहीं है
- इस बात से वह परेशान भी न हों क‍ि उनका साल बर्बाद ( up board exam 2020) हो जाएगा

By: Ruchi Sharma

Updated: 27 Jun 2020, 04:45 PM IST


नई दिल्ली. UP Board 12th Result 2020 : यूपी बोर्ड 12वीं की परीक्षा का रिजल्ट आज जारी हो गया है। यूपी बोर्ड 12वीं का रिजल्ट 74.63 प्रतिशत रहा है। जिसमें 81.96 प्रतिशत लड़कियां और 68.88 प्रतिशत लड़के पास हुए हैं। वहीं 12वीं में अनुराग मलिक ने 97 % अंकों के साथ टॉप किया है। इस बीच अगर आप परीक्षा पास नहीं कर पाए हैं तो दुखी होने की बात (UP Board 10th 2020) बिल्कुल नहीं है। इस बात से वह परेशान भी न हों क‍ि उनका साल बर्बाद ( up board exam 2020) हो जाएगा। हम यहां उन्हें कुछ ऐसे रास्‍ते बता रहे हैं, ज‍िससे वह परीक्षा में दोबारा सफलता हास‍िल कर सकते हैं और उनका वर्ष भी बर्बाद नहीं होगा। इसके लिए आपको कुछ बातों का ध्यान देना होगा जो इस प्रकार है...

भर सकते है कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए फॉर्म

यूपी बोर्ड की परीक्षा में जो स्टूडेंट सफल नहीं हो पाए है वे कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए फॉर्म भर सकते हैं। कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए फॉर्म ऑनलाइन और ऑ‍फलाइन दोनों उपलब्‍ध है। आप अगर ऑफलाइन फॉर्म भरना चाहते हैं तो अपने स्‍कूल में जाकर इसका फॉर्म भर सकते हैं। यह सबसे आसान तरीका होता है। कंपार्टमेंट परीक्षा देकर आप ब‍िना साल बर्बाद क‍िये ही अगली कक्षा में जा सकते हैं। सप्लीमेंट्री एग्जाम के नियम ठीक उसी तरह से है जैसा कि बोर्ड एग्जाम में होता है।


जानिए क्या है कंपार्टमेंट परीक्षा

कंपार्टमेंट परीक्षा को अब इम्प्रूवमेंट एग्जाम भी कहा जाने लगा है। ऐसे छात्र जो दसवीं या बारहवीं में एक, दो या तीन विषयो में फेल हो जाते है, उनका साल बचाने के लिए इस परीक्षा का आयोजन किया जाता है। जिसे कंपार्टमेंट परीक्षा कहा जाता है। वर्तमान में इसे सीबीएसई बोर्ड, यूपी बोर्ड तथा कई अन्य बोर्ड द्वारा आयोजित किया जाता है। कुछ छात्रों के एक या दो विषयो में नंबर कम आने से या दो – चार नंबरो के कारण उनका फर्स्ट या सेकंड डिवीजन रुक जाता है, ऐसे छात्र परीक्षा के माध्यम से अपने रिजल्ट में बढ़ोत्तरी कर सकते है। इस कारण इस परीक्षा को इम्प्रूवमेंट परीक्षा कहा जाता है।


स्‍क्रूटनी या रीचेकिंग

दूसरा विकल्प आपके पास है स्क्रूटनी का। इसका अर्थ है संवीक्षा। स्क्रूटनी में परीक्षा की कापियों में न जांचने वाले प्रश्नों को जांचा जाता है और कुल अंकों की गणना की जाती है, यदि गणना में किसी भी प्रकार की त्रुटि पायी जाती है, तो वह सही की जाती है। सभी विषयों में फेल स्टूडेंट्स भी स्क्रूटनी या रीचेकिंग के लिए अप्लाई कर सकते हैं लेकिन इसमें कॉपी की री-चेकिंग नहीं होती। सिर्फ पाए मार्क्स फिर से जोड़े जाते हैं।

एनआईओएस में लें सकते हैं दाखिला

फेल छात्र के पास तीसरा विकल्प है एनआईओएस (नेशनल स्कूल ऑफ ओपन स्कूलिंग) का। यहां दाखिला लेकर परीक्षा दें सकते हैं। NIOS हर हफ्ते परीक्षाएं आयोजित कराता है। इसमें दाखिला लेना जितना आसान है उतना ही इस बोर्ड की परीक्षाओं को पास करना भी आसान है।

Ruchi Sharma
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