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लड़कियों की शिक्षा के लिए टीचर ने अपनाया अनोखा तरीका

भारत में लड़कियों को बचाने और उन्हें पढ़ाने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इसके लिए समय समय पर टीवी, रेडिया, अखबारों में विज्ञापन दिए जाते हैं।

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Girl Education

Girl Education

भारत में लड़कियों को बचाने और उन्हें पढ़ाने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इसके लिए समय समय पर टीवी, रेडिया, अखबारों में विज्ञापन दिए जाते हैं। यही नहीं, लड़कियों के प्रति संवेदनशील होने के लिए नुक्कड़ नाटक भी आयोजित होते हैं। लेकिन, हम आपको एक ऐसे शिक्षक के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने बेटियों की शिक्षा और उन्हें बचाने के लिए एक अनोखा कदम उठाया है।

लोगों को बेटियों की अहमियत बताने के लिए उत्तर प्रदेश के एक शिक्षक ने अपनी शादी का फैंसी निमंण कार्ड बांटने की बजाए लोगों को ऐसे निमंण पत्र दिए हैं जिनमें 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का लोगो लगा हुआ है। उत्तर प्रदेश के संत कबीरनगर के मौलाना आजाद इंटर कॉलेज में सहायक शिक्षक मोहम्मद अकील अब तक ऐसे 300 कार्ड बांट चुके हैं।

पीएम मोदी के कैंपेन को समर्थन
बेटियों को बचाने और उन्हें पढ़ाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए कैंपेन को अपने इस कमद से आगे बढ़ाने की कोशिश में लगे हुए हैं 30 वर्षीय अकील। उन्होंने कहा, शादी के कार्डों को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए लोग इन दिनों अनावश्यक संदेशों के साथ फैंसी कार्डों का चयन करते हैं। इसलिए, अपनी शादी के कार्ड के जरिए लोगों के बीच save girl child campaign संदेश देने का सोचा। मैं प्रधानमंत्री मोदी के इस कैंपेन को पूरा समर्थन करने के साथ इसमें पूरा विश्वास रखता हूं।

समाज में निरक्षरता के चलते लड़कियों को मिलते हैं कम मौके
अपने समाज में निरक्षरता के चलते शादी के बंधन में बंधने जा रहे अकील ने कहा कि इस्लाम में शिक्षा हासिल करने पर जोर दिया गया है, लेकिन मुस्लिम समाज में कम शिक्षा के चलते पढ़ाई के लिए लड़कियों को कम मौके मिलते हैं। इसलिए, मैंने सोचा इस तरह संदेश देकर समाज में जागरुकता जगाई जा सकती है। अकील संत कबीरनगर के रहने वाले रेलवे के पूर्व कर्मचारी की बेटी से निकाह करने जा रहे हैं। उनकी होने वाली पत्नी स्नातकोत्तर है और वह भी शिक्षक बनना चाहती है।