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इंजीनियरिंग के छात्र अब पढ़ेंगे सामाजिक विज्ञान आैर एन्वॉयरमेंटल साइंस

देशभर में अंडर ग्रेजुएट इंजीनियरिंग कोर्स कर रहे छात्र अगले सत्र से ह्यूमेनिटीज, सामाजिक विज्ञान, प्रबंधन, एन्वॉयरमेंटल साइंस, भारतीय संविधान...

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Deovrat Singh

Dec 04, 2017

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देशभर में अंडर ग्रेजुएट इंजीनियरिंग कोर्स कर रहे छात्र अगले सत्र से ह्यूमेनिटीज, सामाजिक विज्ञान, प्रबंधन, एन्वॉयरमेंटल साइंस, भारतीय संविधान जैसे विषयों की पढ़ाई करेंगे। तकनीकी शिक्षा की नियामक संस्था अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने खुद से संबंद्ध इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़ाए जा रहे टेक्निकल कोर्स और इंजीनियरिंग के अंडर ग्रेजुएट कोर्स के लिए प्रस्तावित नए करिकुलम में इन विषयों को जोड़ा है। हालांकि ये नया करिकुलम आईआईटी और एनआईटी पर लागू नहीं होगा।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय ने एआईसीटीई द्वारा प्रस्तावित नए करिकुलम को अप्रूव कर दिया है और इंजीनियरिंग में ह्यूमेनिटीज विषयों को पढ़ाने पर अपनी मुहर लगा दी है। गौरतलब है कि अगले शैक्षणिक सत्र से एआईसीटीई द्वारा मान्यता प्राप्त देशभर के 3000 से अधिक इंजीनियरिंग कॉलेजों में नए करिकुलम के अनुसार पढ़ाई होगी।

कम से कम लाने होंगे 12 क्रेडिट प्वाइंट
नए करिकुलम के मुताबिक इंजीनियरिंग के छात्रों को चार साल के अंडर ग्रेजुएट कोर्स में कुल 150-160 क्रेडिट प्वाइंट में से कम से कम 12 क्रेडिट प्वाइंट ह्यूमेनिटीज, प्रबंधन और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों में अर्जित करने होंगे। एआईसीटीई ने छात्रों के लिए इन विषयों में 12 क्रेडिट प्वाइंट लाना अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों को अनिवार्य रूप से पर्यावरण पर एक कोर्स संचालित करना होगा। एन्वॉयरमेंटल साइंस के पेपर में ग्लोबल वार्मिंग, वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण जैसे टॉपिक शामिल होंगे। साथ ही इंजीनियरिंग कॉलेजों को भारतीय संविधान और भारतीय पारंपरिक ज्ञान की जरूरत विषय में से एक पेपर पढ़ाना होगा। हालांकि यह पेपर अनिवार्य होंगे लेकिन इसके लिए छात्रों को क्रेडिट प्वाइंट नहीं मिलेंगे। इंजीनियरिंग कॉलेज चाहें तो जरूरत के हिसाब से छात्रों को अंग्रेजी साहित्य, मनोविज्ञान या अर्थशास्त्र पढ़ा सकते हैं, लेकिन उन्हें एआईसीटीई के इस निर्देश का पालन करना होगा।

30 के बदले हर हफ्ते 20 घंटे थ्योरी क्लास
एआईसीटीई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नए करिकुलम में हर हफ्ते होने वाली थ्योरी क्लास के समय को कम किया गया है। अब 30 घंटे के बदले हर हफ्ते 20 घंटे थ्योरी क्लास होगी। अधिक समय प्रैक्टिकल क्लास पर दिया जाएगा। फाइनल सेमेस्टर के छात्र क्लास करने की अनिवार्यता से मुक्त होंगे और इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से उनसे प्रोजेक्ट वर्क कराया जाएगा।

तीन सप्ताह का इंडक्शन प्रोग्राम
अगले सत्र से इंजीनियरिंग के यूजी कोर्स में तीन सप्ताह का इंडक्शन प्रोग्राम अनिवार्य होगा। इस दौरान कोई क्लास नहीं लगाई जाएगी। इंडक्शन प्रोग्राम में फिजिकल एक्टिविटी, क्रिएटिव आर्ट, ह्यूमन वैल्यू, लोकल एरिया विजिट, खेल और योग सहित अन्य चीजों को शामिल किया गया है। इसमें एमिनेंट लेक्चर भी होगा, ताकि फ्रेशर स्टूडेंट संस्थान और शहर से परिचित हो सकें। एआईसीटीई ने इस प्रोग्राम का मॉडल करिकुलम बेवसाइट पर अपलोड भी कर दिया है। इसमें सभी छात्रों को कम से कम एक स्पोर्ट्स का चयन कर उसे तीन सप्ताह के भीतर सीखना होगा। इसके अलावा जिन छात्रों की अंग्रेजी कमजोर है, उनके लिए अंग्रेजी की स्पेशल कक्षाएं लगाई जाएंगी।