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अगल वर्ष से सिर्फ 15 दिन में संपन्न करवाई जाएंगी यूपी बोर्ड की परीक्षाएं

शर्मा ने कहा है कि हाईस्कूल के 55 और इंटर की परीक्षा में टॉप टेन में आने वाले 42 विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।

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जयपुर

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Vikas Gupta

Apr 30, 2018

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शर्मा ने कहा है कि हाईस्कूल के 55 और इंटर की परीक्षा में टॉप टेन में आने वाले 42 विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।

यूपी के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा है कि अगले वर्ष से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 15 दिन के भीतर संपन्न करवाई जाएंगी। दिनेश शर्मा ने यूपी बोर्ड में सफल विद्यार्थियों को बधाई दी और सभी टॉपर्स को व्यकि्तगत रूप से फोन करके उनकी हौसला-अफजाई भी की। दिनेश शर्मा ने टॉप करने वाले छात्र-छात्राओं से शिक्षा-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सुझाव भी मांगे। दिनेश शर्मा ने कहा है कि हाईस्कूल के 55 और इंटर की परीक्षा में टॉप टेन में आने वाले 42 विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।

एक प्रेसवर्ता मे बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अगले साल से हम परीक्षा परीणामों को लेकर अच्छे प्रयास करेगें। उप मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि कुछ स्कूलों में इंटरनेट, स्मार्ट क्लासेज, वर्चुअल क्लासेस की व्यवस्था की जाएगी। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जो स्टूडेंट्स किसी कारण से अच्छे अंक नहीं ला सके उनके लिए भी हम पढ़ाई की अतिरिक्त व्यवस्था करेंगे।दिनेश शर्मा ने कहा कि 2017-18 में रिकॉर्ड समय में एक महीने में यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं संपन्न कराईं और अब तक के इतिहास में सबसे कम समय में परीक्षा परिणाम जारी किया जाएगा। सरकार ने 30 अप्रैल से पहले परिणाम जारी करने का वादा किया था, जिसे पूरा किया गया।

दिनेश शर्मा ने कहा कि यूपी में सऊदी अरब से लेकर आसपास के प्रदेशों के स्टूडेंट्स के स्थान पर दूसरे लोग परीक्षा देते थे। एक ही परीक्षार्थी कई-कई जगहों से फार्म भरता था। इस बार इन सब पर रोक लग गई। उन्होंने कहा कि नकल विहीन परीक्षा करवाना सरकार की सफलता है। नकल के व्यवसाय को खत्म किया गया और आगे भी इसके लिए खत्म करने के प्रयास होते रहेगें। पहली बार ऑनलाइन परीक्षा केन्द्र निर्धारण हुआ। जीपीएस से देखा गया कौन सा केंद्र कितनी दूर रहेगा। किसी छात्र के खिलाफ कोई कानूनी कार्यवाही नहीं की गई। पुलिसिया कार्रवाई नहीं होना निश्चित किया और एक भी परिक्षार्थी को जेल नहीं भेजा गया।