
प्रदेशभर के महाविद्यालयों में पढ़ाई अब रामभरोसे है। विद्या संबल के तहत इनमें लगाए गए 2500 असिस्टेंट प्रोफेसर (सहायक आचार्य) हटा दिए गए हैं। शेष बचे हुए भी फरवरी तक हटा दिए जाएंगे। ऐसे में पाठ्यक्रम पूरा हुए बिना ही इनके हटने से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होने लगी है।
खास बात यह है कि अधिकांश कॉलेजों में प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं जनवरी, 2025 में प्रस्तावित है। साथ ही तृतीय वर्ष की वार्षिक परीक्षाएं भी मार्च में संभावित हैं। ऐसे में असिस्टेंट प्रोफेसर के नहीं होने से छात्र-छात्राएं परेशान हैं।
प्रदेश में 340 सोसायटी कॉलेजों में 2500 से अधिक सहायक आचार्य लगाए गए थे। सरकार हर साल अधिकतम 24 सप्ताह (6 माह) के लिए इनकी नियुक्ति करती है। ऐसा पांचवीं बार हुआ है, जब बीच सत्र इन्हें हटाया गया है। हालांकि बाद में आवेदन लेकर वापस इन्हें लगाया जाता है।
विद्या संबल के माध्यम से लगे सहायक आचार्यों का कहना है कि सरकार को 12 महीने के लिए कॉलेजों में नियुक्ति देनी चाहिए, ताकि शिक्षण कार्य प्रभावित नहीं हो। इस अस्थिर व्यवस्था का सबसे अधिक प्रभाव छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
Updated on:
26 Dec 2024 12:05 pm
Published on:
26 Dec 2024 12:05 pm
