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UGC (University Grants Commission) ने पांच विदेशी यूनिवर्सिटियों को भारत में अपने कैंपस खोलने की मंजूरी दे दी है। इनमें यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और इटली की यूनिवर्सिटियां शामिल हैं। शनिवार को इन संस्थानों को 'लेटर ऑफ इंटेंट' सौंपा गया। यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत भारत की शिक्षा प्रणाली को ग्लोबल स्तर पर जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
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ऑस्ट्रेलिया की टॉप 100 यूनिवर्सिटियों में शामिल University of Western Australia (UWA) ने भारत में दो अंतरराष्ट्रीय कैंपस खोलने का फैसला किया है। ये कैंपस चेन्नई और मुंबई में शुरू किए जाएंगे। ये UWA के पहले विदेशी कैंपस होंगे। UWA के डिप्टी वाइस चांसलर प्रोफेसर गाय लिटलफेयर के मुताबिक, भारत में शिक्षा के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और सरकार ने विदेशी यूनिवर्सिटियों के लिए नियमों को सरल बनाया है। पहले से ही UWA के भारत में रिसर्च और शैक्षणिक संस्थानों से मजबूत संबंध हैं। इसलिए भारत में फिजिकल कैंपस खोलना उनके लिए एक स्वाभाविक और सही कदम है।
मुंबई और चेन्नई को इसीलिए चुना गया क्योंकि ये दोनों शहर शिक्षा, स्टार्टअप और उद्योग के बड़े केंद्र हैं। साथ ही, इनका कनेक्शन पर्थ (UWA का मुख्य शहर) से भी अच्छा है। यहां प्रतिभाशाली छात्रों की कोई कमी नहीं है।
UGC के नियमों के अनुसार, मंजूरी मिलने के बाद यूनिवर्सिटी के पास 18 महीनों का समय होता है ताकि वह अपने अकादमिक कार्य शुरू कर सके। UWA इसी समय सीमा में अपने कैंपस शुरू करने की तैयारी कर रही है। हालांकि, सटीक तारीखों की घोषणा अभी नहीं हुई है।
शुरुआत में बिजनेस और STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स) से जुड़े कोर्स चलाए जाएंगे। ये कोर्स अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट दोनों स्तरों पर उपलब्ध होंगे। यूनिवर्सिटी का लक्ष्य भारत में अपने रिसर्च अनुभव को भी शिक्षा के साथ जोड़ना है।
Published on:
16 Jun 2025 05:34 pm
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