
ECG Technician
इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम तकनीशियन को कार्डियोग्राफिक तकनीशियन भी कहा जाता है। ईसीजी मशीन का इस्तेमाल करके पेशेंट्स का हार्ट रेट्स मापना, कार्डियक रिद्म को मॉनिटर करना, दिल और रक्त वाहिकाओं में अनियमितताओं को खोजने में चिकित्सकों की मदद करना, डाटा इकट्ठा करना, रोगी की चिकित्सा की स्थिति को डायग्नोस करना और हृदय रोग विशेषज्ञों की सहायता करना इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम तकनीशियन का काम होता है। इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम तकनीशियन देश भर के अस्पतालों, चिकित्सक कार्यालयों, प्रयोगशालाओं और क्लीनिकों में आसानी से काम कर सकते हैं। इस फील्ड में अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे और कार्डियोपल्मोनरी में विशेषज्ञ बनने के लिए भी अवसर हैं। हृदय रोगियों की मदद करना, चिकित्सकों, रोगियों और टेक्नोलॉजिस्ट से लगातार बातचीत करके आप अपने फील्ड में महारत हासिल कर सकते हैं। आप कड़ी मेहनत की मदद से इस फील्ड में एक शानदार कॅरियर का निर्माण कर सकते हैं।
वेतन
इस क्षेत्र में न्यूनतम सैलरी 15 से 20 हजार रुपए तक मिल सकती है और तजुर्बे के साथ-साथ सैलेरी में भी इजाफा होता जाता है। सरकारी या गैर सरकारी अस्पतालों में ये तकनीशियन अपने अनुभव के बाद अधिकारी पद के लिए भी आवेदन कर सकते हैं, जिसमें न्यूनतम सैलेरी 40 से 50 हजार रुपए तक होती है। एक सर्वे के मुताबिक भारत में इस फील्ड में वर्ष 2022 तक 30 प्रतिशत जॉब्स इजाफा हो सकता है।
काम की प्रकृति
ईसीजी तकनीशियन इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम उपकरणों का उपयोग करके उनसे दिल की विद्युत गतिविधियों की जानकारी रिकॉर्ड करते हैं। इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम तकनीशियन अस्पतालों, प्रयोगशालाओं या हृदय रोग विशेषज्ञों के कार्यालयों में काम करते हैं। वे आम तौर पर एक सप्ताह में 40 घंटे काम करते हैं। हालांकि आवश्यकता अनुसार कभी-कभी इन्हें सप्ताह के अंत में भी काम करना पड़ सकता है। उन्हें आपातकालीन समय में भी बुलाया जा सकता है। ईसीजी तकनीशियनों को नियमित आधार पर मरीजों और प्रयोगशालाओं के उपकरणों को लाने ले जाने का भी काम करना पड़ता है। उन्हें दिल की गंभीर स्थिति से गुजर रहे रोगियों को संभालने के लिए तैयार रहना पड़ता है।
अवसर
डिप्लोमा इन इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम टेक्नोलॉजी कोर्स करने के बाद अभ्यर्थी के लिए सरकारी और गैरसरकारी विभागों में कई अवसर खुल जाते हैं। आपदा स्थिति में सबसे ज्यादा जरुरत मेडिकल सहयोगियों की होती है, जिसमें यही तकनीशियन मेडिकल सुविधाएं प्रदान करतेे हैं। यह कोर्स पूरा करने के बाद देश भर के अस्पतालों, चिकित्सक कार्यालयों, प्रयोगशालाओं और क्लीनिकों में आसानी से काम कर सकते हैं और चाहें तो अपने आस-पास के अस्पतालों में इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम तकनीशियन के तौर पर भी काम कर सकते हैं। इसके अलावा अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे और कार्डियोपल्मोनरी में विशेषज्ञ बनने के लिए भी अवसर उपलब्ध हैं।
कोर्स व योग्यता
इस कोर्स में डिप्लोमा के लिए अभ्यर्थी का बारहवीं पास होना बहुत जरूरी है। कोर्स के दौरान विद्यार्थी को 1 साल में 2 सेमेस्टर में कोर्स को पूरा करना है जिसमे उन्हें थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनो प्रदान किया जाता है, यह कोर्स दिल और सीने की शरीर रचना विज्ञान और शरीर क्रिया विज्ञान पर महत्वपूर्ण पृष्ठभूमि को भी कवर करता है। दिल की की विद्युत चालन प्रणाली और ईसीजी की व्याख्या भी पढ़ाई जाती है।
उत्तरदायित्व
इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम तकनीशियनों का कर्तव्य ईसीजी के टेस्ट प्रोसिजर की देख-रेख करना, ईसीजी के रीडिंग्स को रिकॉर्ड करना, विशेषज्ञों को ईसीजी का टेस्टेड डाटा मुहैया करवाना है। इसके अलावा वे गैर इनवेसिव उपकरणों का प्रयोग करके रोगी की हृदय की गतिविधियों का परीक्षण करते हैं, ईसीजी प्रक्रियाओं के माध्यम से रोगी को गाइड करते हैं और प्रयोगशालाओं के उपकरणों की देख-रेख करते हैं।
प्रमुख संस्थान
महर्शि मर्केंडेश्वर यूनिवर्सिटी, अंबाला, हरियाणा www.mmumullana.org
इंडियन मेडिकल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग, जालंधर, पंजाब www.iminursing.in
इंस्टीट्यूट ऑफ एलाइड हेल्थ साइंसेज, कोलकाता www.iahs.co.in
दिल्ली पैरामेडिकल एंड मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली www.dpmiindia.com
Published on:
19 Sept 2017 11:58 pm
बड़ी खबरें
View Allशिक्षा
ट्रेंडिंग
