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Republic Day 2026: कौन होंगे इस बार चीफ गेस्ट, जानें कैसे तय होते हैं मेहमानों के नाम

Republic Day 2026 Chief Guest: रिपब्लिक डे 2026 की परेड में इस बार यूरोपियन यूनियन के टॉप लीडर्स चीफ गेस्ट बनेंगे। जानिए कौन हैं ये खास मेहमान और भारत ने इस बार ईयू की टॉप लीडरशिप को एक साथ न्योता देकर, दुनिया को क्या डिप्लोमैटिक मैसेज दिया है।

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भारत

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Mohsina Bano

Jan 14, 2026

Republic Day Chief Guest 2026

Republic Day 2026 (Image Source: Social Media)

Republic Day 2026: भारत अपने 77वें रिपब्लिक डे सेलिब्रेशन की तैयारियों में लगा है। 26 जनवरी, 2026 को नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड इस बार बहुत खास होगी। भारत सरकार ने इस बड़े इवेंट के लिए यूरोपियन यूनियन के दो सबसे बड़े लीडर्स को बतौर चीफ गेस्ट इनवाइट किया है। केंद्र सरकार ने इस गौरवशाली अवसर के लिए यूरोपीय संघ (EU) के दो सबसे बड़े नेताओं को चीफ गेस्ट के रूप में न्योता दिया है। यह पहली बार है जब, यूरोपियन यूनियन की टॉप लीडरशिप को एक साथ इस प्रोग्राम के लिए न्योता दिया गया है।

क्यों अहम है यह इन्विटेशन?

इस साल यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा परेड में शामिल होंगे। रिपब्लिक डे परेड में चीफ गेस्ट का चुनाव भारत की डिप्लोमैटिक प्रायोरिटीज और दूसरे देशों के साथ उसके रिश्तों के आधार पर होता है। यूरोपियन यूनियन के लीडर्स को बुलाना यह संकेत देता है कि, भारत और यूरोप के बीच स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप काफी गहरी हो रही है। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर बातचीत चल रही है, ऐसे में यह दौरा इकोनॉमिक और पॉलिटिकल नजरिए से बहुत जरूरी माना जा रहा है।

कौन हैं इस साल के चीफ गेस्ट्स?

उर्सुला वॉन डेर लेयेन: ये यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट हैं। इनका काम यूरोपियन यूनियन की पॉलिसी डायरेक्शन और एग्जीक्यूटिव फंक्शन्स को संभालना है।

एंटोनियो कोस्टा: ये यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट हैं। ये ईयू की समिट्स की अध्यक्षता करते हैं और इंटरनेशनल लेवल पर इस ब्लॉक को रिप्रेजेंट करते हैं।

गणतंत्र दिवस का इतिहास

भारत 26 जनवरी,1950 को एक इंडिपेंडेंट और डेमोक्रेटिक देश बना था। इसी दिन देश का संविधान लागू हुआ था। तब से हर साल इस दिन को भव्य परेड के साथ मनाया जाता है।

  • फर्स्ट चीफ गेस्ट: 1950 में भारत के पहले गणतंत्र दिवस पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णो फर्स्ट चीफ गेस्ट बने थे।
  • परेड वेन्यू का इतिहास: 1950 से 1954 तक गणतंत्र दिवस की परेड लाल किला, रामलीला मैदान और इर्विन स्टेडियम में आयोजित कि गई। 1955 में पहली बार राजपथ (वर्तमान में कर्तव्य पथ) को परेड का परमानेंट वेन्यू बनाया गया।
  • रिकॉर्ड: अब तक यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस के लीडर्स को सबसे ज्यादा 5-5 बार चीफ गेस्ट के रूप में आमंत्रित किया गया है।

कैसे तय होता है रिपब्लिक डे का चीफ गेस्ट?

रिपब्लिक डे परेड के लिए चीफ गेस्ट का चुनाव भारत की डिप्लोमैटिक प्रायोरिटीज और बिजनेस रिश्तों के आधार पर तय किया जाता है। मेहमान का नाम तय करते समय यह देखा जाता है कि किस देश के साथ आने वाले समय में ट्रेड, डिफेंस और साइंस के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाया जा सकता है। इस पूरी प्रोसेस में प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की आपसी सहमति के बाद ही विदेशी मेहमान के नाम पर फाइनल मुहर लगती है और बकायदा इन्विटेशनभेजा जाता है।

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