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UP Assembly Elections 2022: ओवैसी ने बनारस में BJP संग कांग्रेस को दिया बड़ा झटका, मंत्री रवींद्र के खिलाफ उतारा “बनारस वाले मिश्रा जी” को

UP Assembly Elections 2022: कभी कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष रहे हरीश मिश्रा उर्फ 'बनारस वाले मिश्रा जी' बनारस ही नहीं बल्कि पूर्वांचल में एआईएमआईएम के इकलौते ब्राह्मण चेहरा हैं। हरीश कट्टर बीजेपी विरोधी माने जाते रहे हैं। बनारस में उन्होंने जनहित के हर मुद्दे पर सड़क पर लड़ाई लड़ी। वो बेबाक टिप्पणी करने वाले नेता हैं। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्र रहे और वहीं से राजनीति में कदम रखा। अब एआईएमआईएम के टिकट पर शहर उत्तरी से नामांकन दाखिल किया है।

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हरीश मिश्रा उर्फ बनारस वाले मिश्रा जी अब एआईएमआईएम से चुनौती देंगे योगी के मंत्री रवींद्र को

हरीश मिश्रा उर्फ बनारस वाले मिश्रा जी अब एआईएमआईएम से चुनौती देंगे योगी के मंत्री रवींद्र को

वाराणसी. एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र के एक ऐेसे युवा ब्राह्मण चेहरे को मैदान में उतारा जो बीजेपी की नीतियों का कट्टर विरोधी माना जाता है। हर वो मुद्दा जो जनहित से जुड़ा हो बेबाक टिप्पणी करने वाला वाला वो युवा नेता और कोई नहीं बल्कि हरीश मिश्रा उर्फ 'बनारस वाले मिश्रा जी' हैं। ओवैसी ने उन्हें वाराणसी के शहर उत्तरी से टिकट देकर मैदान में उतारा है। यानी हरीश मिश्रा बीजेपी प्रत्याशी रवींद्र जायसवाल को चुनौती पेश करेंगे। वो रवींद्र जायसवाल जो दो बार से लगातार इस क्षेत्र से जीतते आ रहे हैं।

बता दें कि हरीश मिश्र कभी कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष रहे। लेकिन उनका तेवर पार्टी को रास नहीं आया तो उनसे पद छीन लिया गया। तब वो शिवपाल यादव की पार्टी प्रसपा से जुड़ गए। लकिन कुछ ही दिनों बाद उनकी कांग्रेस मं वापसी हुई। उन्होंन शहर उत्तरी विधानसभा सीट से कांग्रेस से टिकट की दावेदारी की थी पर पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। कांग्रेस की सूची जारी होने के बाद से वह कुछ मायूस और तनाव में भी थे।

हरीश ने पत्रिका संग बातचीत में कहा कि, "मैने तो अपनी तरफ से कांग्रेस की सेवा का कोई मौका नहीं छोड़ रखा था। बीजेपी और पीएम मोदी की जनविरोधी नीतियों का खुल कर विरोध किया। कोरोना काल में दीन-दुखियों की सेवा की। लेकिन जब भी कांग्रेस से कुछ अपक्षा की पार्टी ने उसे हमेशा ही नकारा। इसकी जानकारी एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी को हुई। उन्होंने गत 11 फरवरी को खुद ही फोन किया और अपनी इच्छा जताई कि वाराणसी से एक तिलक व चुटियाधारी को मैदान में मैं उतारना चाहता हूं। बात-बात में ही बात बन गई और मैं एआईएमआईएम का पूर्वांचल का इकलौता ब्राह्मण प्रत्याशी बन गया। हरीश कहते हैं चुनाव में न खुद चैन से बैठूंगा न किसी को चैन से बैठने दूंगा। बाकी भोलेनाथ जानें।"

बता दें कि ओवैसी ने पूर्वांचल की वाराणसी उत्तर सीट से हिंदू कैंडिडेट हरीश मिश्रा को खड़ा किया है तो वाराणसी शहर दक्षिण सीट से परवेज कादिर खान को। आजमगढ़ की सगड़ी सीट से निसार अहमद को प्रत्याशी बनाया है तो हाल ही में बसपा का दामन छोड़ चुके विधायक शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली को आजमगढ़ की मुबारकपुर सीट से टिकट दिया है। वहीं जौनपुर की शाहगंज सीट से एडवोकेट नायाब अहमद, जौनपुर की मुंगरा बदशाहपुर सीट से रमजान अली, गाजीपुर की जहूराबाद सीट से शौकत अली, चंदौली की मुगलसराय सीट से आबिद अली, मिरजापुर की मिरजापुर सीट से बदरुद्दीन हाशमी और बलिया की बलिया सदर सीट से मु.शमीम खान को मैदान में उतारा है।

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